संवाददाता@मोहम्मद इब्राहिम…….

जिले में इस वर्ष गर्मी ने अपेक्षा से अधिक तीव्र रूप ले लिया है और हीट वेव का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर तक झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, कृषि और बिजली व्यवस्था पर दबाव साफ देखा जा रहा है। “पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार गर्मी ज्यादा तीव्र महसूस हो रही है और इसका असर सीधे दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।”
सोनभद्र में हीट वेव के बढ़ते प्रभाव के पीछे इसकी भौगोलिक स्थिति अहम भूमिका निभा रही है।यह जिला उत्तर प्रदेश के दक्षिणी छोर पर स्थित है, जिससे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे गर्म क्षेत्रों से आने वाली लू सीधे यहाँ पहुँचती है।यह क्षेत्र कर्क रेखा के पास स्थित होने के कारण सूर्य की किरणें अधिक सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।विंध्य-कैमूर क्षेत्र की पथरीली सतह दिन में जल्दी गर्म होती है और देर तक गर्मी बनाए रखती है।
हीट ट्रैप प्रभाव: पहाड़ी संरचना के कारण गर्म हवा क्षेत्र में रुकती है और ठंडी हवाओं का प्रवेश सीमित हो जाता है।जल स्रोतों की कमी: नमी की कमी के कारण वातावरण अधिक शुष्क और गर्म हो रहा है।
कम हरियाली: खुले भूभाग और सीमित वन क्षेत्र के कारण तापमान को संतुलित करने वाली प्राकृतिक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
हीट वेव का असर अब कई स्तरों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है:
स्वास्थ्य पर असर
हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में वृद्धि चक्कर, सिरदर्द और थकान की शिकायतें आम बुजुर्ग, बच्चे और श्रमिक वर्ग अधिक प्रभावित जल संकट,तालाब, कुएँ और हैंडपंपों का जलस्तर घट रहा है,ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। जंगलों में आग की घटनाओं में वृद्धि,वन्यजीवों पर प्रतिकूल असर,ऊर्जा और दैनिक जीवन बिजली की मांग बढ़ने से कटौती की समस्या।
हीट वेव से बचाव के लिए लोगों को निम्नलिखित सावधानियाँ अपनानी चाहिए:
पर्याप्त जल सेवन: दिनभर पानी, ORS, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें
धूप से बचाव: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
सुरक्षित वस्त्र: हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें
सिर की सुरक्षा: टोपी, गमछा या छाता का उपयोग करें
घर को ठंडा रखें: खिड़कियों पर पर्दे लगाएँ, कूलर/पंखे का उपयोग करें