संवाददाता@आनंद गुप्ता…….

आधुनिकता के इस दौर में जहां शादियों में लग्जरी गाड़ियों, डीजे और भव्य सजावट का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं विंढमगंज थाना क्षेत्र के हरपुर हरपुरा गांव में एक अनोखी और पारंपरिक शादी ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यहां एक दूल्हे ने आधुनिक साधनों को त्यागकर पुरानी परंपरा को अपनाते हुए पालकी में बैठकर अपनी बारात निकाली।
गांव निवासी मुंन्द्रिका गुप्ता के पुत्र मनोज गुप्ता ने अपनी शादी को खास और यादगार बनाने के लिए यह अनूठा फैसला लिया। उन्होंने लग्जरी कार या घोड़ी के बजाय खूबसूरती से सजी पालकी को चुना और उसी में सवार होकर झारखंड के लिए बारात लेकर रवाना हुए। इस दृश्य को देखने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में जुट गए।
दूल्हे की इस पहल ने न सिर्फ लोगों को आकर्षित किया, बल्कि बुजुर्गों की पुरानी यादों को भी ताजा कर दिया। उन्होंने बताया कि पहले के समय में बारातें पालकी या बैलगाड़ी से ही जाया करती थीं, जो अब लगभग खत्म हो चुकी हैं। मनोज का यह कदम परंपराओं के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस अनोखी बारात की खूब सराहना की और इसे नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। आधुनिकता के बीच इस तरह की पहल यह संदेश देती है कि अपनी जड़ों और परंपराओं को संजोकर रखना भी उतना ही जरूरी है।