शक्तिनगर/सोनभद्र.@वीरेंद्र यादव….

शक्तिनगर। साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था सोन संगम शक्तिनगर द्वारा अपने आठवें स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश कुमार अवस्थी (महाप्रबंधक, माइंस एनसीएल खड़िया) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में हीरालाल (ग्राम प्रधान, चिल्का टांड़) एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में गोपाल तिवारी (विद्याभारती संभाग काशी) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रशेखर जोशी (वरिष्ठ प्राध्यापक, कंप्यूटर साइंस, सेंट जोसेफ स्कूल शक्तिनगर) ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. बलराम मिश्रा (वरिष्ठ अध्यापक, संगीत, केंद्रीय विद्यालय शक्तिनगर) द्वारा मां सरस्वती एवं भगवान गणेश की वंदना के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार दुबे ने कहा कि सोन संगम का यह आठवां स्थापना दिवस सभी सदस्यों के सहयोग एवं नैतिक समर्थन का परिणाम है और संस्था अपने उद्देश्यों के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है।
संस्था के सचिव डॉ. मानिक चंद पांडेय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि सोन संगम साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्र में निरंतर गुणात्मक कार्य कर रही है तथा साहित्य और समाज के अंतर्संबंधों को पूरी निष्ठा के साथ निभा रही है।
मुख्य अतिथि राकेश अवस्थी ने कहा कि साहित्य समाज के उत्थान का सशक्त माध्यम है, जो सकारात्मक क्रियाकलापों को मूर्त रूप देता है और आदर्श समाज के निर्माण में सहायक होता है। विशिष्ट वक्ता गोपाल तिवारी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और यह समाज को उत्कृष्ट एवं कालजयी कार्यों के लिए प्रेरित करता है।
इस अवसर पर विवेकानंद वरिष्ठ विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद मौर्य ने कहा कि सोन संगम ने साहित्य सृजन के क्षेत्र में नया प्रतिमान स्थापित किया है तथा नए रचनाकारों को मंच प्रदान कर सराहनीय कार्य किया है। सरस्वती इंटर कॉलेज खड़िया बाजार के प्रधानाचार्य सुनील तिवारी ने संस्था की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि मासिक गोष्ठियां, काव्य संध्या एवं विभिन्न विषयों पर चर्चाएं साहित्यिक वातावरण को सुदृढ़ करती हैं।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, एनटीपीसी कैंपस शक्तिनगर के वरिष्ठ आचार्य उदय नारायण पांडेय ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाना अत्यंत सराहनीय है और सोन संगम का भविष्य उज्ज्वल है।
अन्य वक्ताओं में गुलाब सिंह एवं बद्रीनारायण प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थापक सदस्य चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि संस्था अपने मूल उद्देश्यों की दिशा में संतोषजनक कार्य कर रही है और सदस्यों के सहयोग से निरंतर प्रगति कर रही है।
स्थापना दिवस के अवसर पर कृपाशंकर माहिर (मिर्जापुर), गोपाल तिवारी, रमाकांत पांडेय, सचिन मिश्रा, पद्मा श्रीवास्तव, विजय लक्ष्मी सिंह एवं सौम्या पांडेय आदि कवियों द्वारा काव्य पाठ किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मानिक चंद पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन सरस सिंह ने किया। इस अवसर पर रीता पांडेय, मुकेश रेल, अवधेश प्रसाद, मनीष यादव, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. रणवीर प्रताप सिंह, रामसनेही, हरिशंकर गुप्ता, अंबरीश कुमार, पंकज कुमार, गीता सिंह, सूरज अग्रहरि, हिमांशु, वीरभद्र पटेल, जवाहरलाल यादव, नीरज सोनी, हाजी वकील अहमद अंसारी, मुन्ना अंसारी, अजमत अली, श्रवण कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।