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gurjant singh retirement: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने संन्यास ले लिया है. गुरजंत के नाम सबसे तेज अंतरराष्ट्रीय गोल का भारतीय रिकॉर्ड भी है. उन्होंने एफआईएच प्रो लीग 2020 में नीदरलैंड के खिलाफ 13 सेकंड में गोल किया था. उन्होंने यह भी कहा कि वह घरेलू हॉकी और लीग खेलते रहेंगे लेकिन कोचिंग के बारे में अभी नहीं सोचा है.

गुरजंत सिंह ने इंटरनेशनल हॉकी से लिया संन्यास.
नई दिल्ली. टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया. 2017 में भारत के लिए डेब्यू करने वाले 31 साल के गुरजंत ने 130 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 33 गोल किए. पिछले साल जून में आखिरी बार भारत के लिए खेलने वाले गुरजंत ने हॉकी इंडिया के सालाना पुरस्कार समारोह में संन्यास की घोषणा की.
गुरजंत ने कहा, ‘मैंने यहां मौजूद दिग्गजों को देखकर हॉकी खेलना शुरू किया था और उनके साथ भारत के लिए खेलने का मेरा सपना पूरा हुआ, जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता.’ उन्होंने कहा, ‘मेरा सफर बहुत अच्छा रहा और टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद ऐतिहासिक पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा. इसके बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में भी वही प्रदर्शन दोहराया. मैं बहुत खुशी और गर्व के साथ विदा ले रहा हूं.’
गुरजंत सिंह ने इंटरनेशनल हॉकी से लिया संन्यास.
गुरजंत के नाम सबसे तेज अंतरराष्ट्रीय गोल का भारतीय रिकॉर्ड भी है. उन्होंने एफआईएच प्रो लीग 2020 में नीदरलैंड के खिलाफ 13 सेकंड में गोल किया था. उन्होंने यह भी कहा कि वह घरेलू हॉकी और लीग खेलते रहेंगे लेकिन कोचिंग के बारे में अभी नहीं सोचा है. गुरजंत ने कहा, ‘मैंने पिछले जून के बाद से अंतरराष्ट्रीय हॉकी नहीं खेली है. इस साल हॉकी इंडिया लीग खेली और आगे भी खेलूंगा. लेकिन कोचिंग को लेकर अभी सोचा नहीं है.’
उनके साथी खिलाड़ी पी आर श्रीजेश संन्यास के बाद जूनियर टीम के कोच बने, जिसने पिछले साल चेन्नई में एफआईएच जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीता था. अमृतसर के खैलारा गांव में जन्मे गुरजंत लखनऊ में 2016 जूनियर विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे थे और फाइनल में गोल भी किया था. इसके अलावा वह एशियाई खेल 2023 और 2017 एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे. उन्हें 2021 में अर्जुन पुरस्कार मिला था. हॉकी इंडिया ने उन्हें पुरस्कार समारोह में सम्मानित करके पांच लाख रुपये का पुरस्कार दिया. मोना नमिता.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
