कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को पुरुष हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी मैच में वेल्स को 3-1 से हराकर जीत से शुरूआत की। भारत ने संजय के सातवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह के 11वें मिनट में किए गोल से पहले क्वार्टर में 2-0 की बढ़त बना ली थी। हरमनप्रीत ने 43वें मिनट में तीसरा गोल दागा। सैम वेल्श ने चौथे क्वार्टर के 11वें मिनट में वेल्स के लिए एकमात्र गोल किया। भारत सोमवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप में अपने दूसरे पूल डी मैच में उसी स्थान पर इंग्लैंड से भिड़ेगा।
हरमनप्रीत और संजय ने किए गोल
करीब दस हजार की दर्शक क्षमता वाले वेगनेर स्टेडियम पर अच्छी तादाद में जमा प्रशंसकों के सामने भारतीय टीम ने निराश नहीं किया। पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने के इरादे से उतरी भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए ‘प्लेयर आफ द मैच ‘ हरमनप्रीत ने 11वें और 43वें मिनट में गोल किए जबकि संजय ने आठवें मिनट में गोल दागा । अपना दूसरा विश्व कप खेल रही वेल्स टीम के लिये एकमात्र गोल सैम वेल्श ने 56वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दागा । आखिरी मिनटों में वेल्स ने अंतर कम करने की भरसक कोशिश की और 54वें मिनट में उसे मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन फर्लोंग के दमदार शॉट को भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने रोक लिया।
इसके बाद हालांकि नाटकीय घटनाक्रम में वेल्श ने रिबाउंड पर गेंद भीतर डाली लेकिन इस गोल पर भारतीय टीम ने रेफरल लिया । टीवी अंपायर ने गोल बरकरार रखा क्योंकि सीटी बजने से पहले गेंद भीतर चली गई थी। टूर्नामेंट के नये प्रारूप को देखते हुए भारत की कोशिश अधिक अंतर से जीतने और क्लीन शीट रखने की थी लेकिन आखिरी मिनटों में एक गोल गंवाने के बाद कोच क्रेग फुल्टोन को इंग्लैंड के खिलाफ अगले कठिन मैच से पहले इस पर काम करना होगा।
अपना दूसरा ही विश्व कप खेल रही वेल्स की टीम ने अच्छी शुरूआत की और पहले पांच मिनट में गेंद पर कब्जा बनाये रखा । दूसरे ही मिनट में वेल्स ने भारतीय सर्कल में प्रवेश किया जब फ्रेड न्यूबोल्ड के पास पर जैक प्रिचार्ड का शॉट गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया । रिबाउंड पर फ्रेड का शॉट गोल के ऊपर से निकल गया।
पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई बढ़त
फ्रेड ने भारतीय डिफेंस को लगातार व्यस्त रखा और पांचवें मिनट में फिर गोल पर निशाना लगाया लेकिन गेंद सीधे करकेरा के पास गई। इसके बाद भारतीय टीम ने जवाबी हमला शुरू किया और हार्दिक सिंह ने सातवें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया । कप्तान हरमनप्रीत उस समय बाहर थे और संजय का प्रयास नाकाम रहा लेकिन गेंद पहले रशर के पैर से टकराने के कारण भारत को लगातार दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार संजय का सीधा तेज शॉट वेल्स के गोलकीपर दाहिनी ओर डाइव लगाकर भी बचा नहीं सके।
इसके तीन मिनट बाद जरमनप्रीत दाहिने विंग से बेहतरीन दौड़ लगाते हुए सर्कल के करीब पहुंचे लेकिन उनकी रिवर्स हिट सटीक नहीं लगी। भारत को 11वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने कोई चूक नहीं की। एक गोल गंवाने के बाद वेल्स टीम ने अगले ही मिनट जवाबी हमला किया लेकिन जरमनप्रीत की अगुवाई में भारत के डिफेंस ने बड़ी फुर्ती दिखाते हुए उनके बराबरी के प्रयास को नाकाम कर दिया ।
पहला क्वार्टर खत्म होने से एक मिनट पहले भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक बाहर निकल गई। पहले क्वार्टर के बाद भारत के पास दो गोल की बढत थी और दूसरे क्वार्टर के पहले ही मिनट में इस विश्व कप के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह (417 अंतरराष्ट्रीय मैच ) ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर दिलाया। हरमनप्रीत के शॉट पर मनप्रीत गेंद को ट्रैप नहीं कर सके और मनदीप सिंह का डिफ्लैक्शन का प्रयास भी विफल रहा ।
वेल्स के लिये 19वें मिनट में प्रिचार्ड को डिफेंस से लंबा पास मिला जिस समय सामने गोलकीपर मोहित एचएस और डिफेंडर संजय ही थे। मोहित आगे निकले लेकिन प्रिचार्ड का शॉट गोलपोस्ट से टकराकर निकल गया। भारत को दूसरे क्ववार्टर के आखिरी मिनटों में फिर गेंद मिली और सुखजीत ने दाहिने ओर राजिंदर को पास दिया जिन्होंने शॉट भी लिया लेकिन सही निशाना नहीं लगा सके ।
हाफटाइम तक भारत के पास दो गोल की बढत बरकरार थी। तीसरे क्वार्टर में भारत ने उसी रफ्तार और लय के साथ हमले जारी रखे और इसका नतीजा 42वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला। हरमनप्रीत ने बायीं ओर दमदार शॉट पर दूसरा गोल दागा।







