ओबरा/सोनभद्र. @सौरभ गोस्वामी…….

अधिवक्ता संघर्ष समिति तहसील ओबरा के बैनर तले दर्जनों अधिवक्ता शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए तहसील प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेतृत्व कर रहे एड. उमेश चन्द शुक्ला ने प्रशासनिक अधिकारियों पर सरकारी कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया।
मौके पर अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील ओबरा में वर्तमान में भ्रष्टाचार चरम पर है। कई फाइलें लंबित पड़ी हैं। वही अधिवक्ता संघर्ष समिति ने दस सूत्री मांगो को लेकर उपजिलाधिकारी ओबरा नामित ज्ञापन पत्र स्टोनो को सौंप कर मांग किया कि न्यायालय में दाखिल खारिज की प्रक्रिया को सहज एवं सरल बनाया जाए ताकि अधिवक्तागण तथा वादकारीगण को सुलभ व सरल न्याय प्राप्त हो सके।
आर के कार्यालय में परवाना को आर 6 रजिस्टर व कंप्यूटरकृत करने का समय क्रमवार निर्धारित किया जाये, ताकि आर के कार्यालय में व्यापक भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लग सके। अधिवक्तागण व वादकारियों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तत्काल किया जाए। उप निबंधन कार्यालय ओबरा तथा आपूर्ति कार्यालय ओबरा को तत्काल तहसील परिसर में स्थापित किया जाये, ताकि उप निबंधन कार्यालय में व्यापक भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
तहसील परिसर ओबरा में कैंटीन व फोटो स्टेट की दुकानों का टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर तत्काल संचालित कराया जाए।जिससे अधिवक्ता तथा वादकारियों को होने वाली असुविधा का निदान हो सके। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दिया कि जायज मांगों पर जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो अगले सात दिनों के बाद अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन में एड. संजीत चौबे,एड. बी एन जायसवाल,एड. सतीश पाण्डेय,एड. अनिल मिश्रा, एड. कपूर चंद पांडेय,एड. संजय दुबे ,एड. सुशील कुमार शर्मा ,एड.विमलेश,एड.मनीष मिश्रा, एड. कर्मवीर, एड. अमित उपाध्याय,एड. कौशल पाण्डेय,एड. अनुज त्रिपाठी, एड. सुशील पाण्डेय, एड. नागेश्वर पाण्डेय उपस्थित रहे।