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Manoj Kothari Dies: पूर्व वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियन मनोज कोठारी का सोमवार को तिरुनेलवेली के तिरुनेलवेली स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. मनोज 67 साल के थे. मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले मनोज कोठारी इलाज के लिए तिरुनेलवेली आए थे, जहां एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था.
मनोज कोठारी का निधननई दिल्ली. पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन मनोज कोठारी का सोमवार को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. यह जानकारी उनके परिवार के एक सदस्य ने दी. वह 67 साल के थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी और बेटे सौरव कोठारी हैं. कोलकाता के कोठारी का 10 दिन पहले चेन्नई से 600 किलोमीटर दूर तिरुनेलवेली के कावेरी अस्पताल में लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था. यह सर्जरी सफल रही थी, जिसके बाद तीसरे दिन वह स्वस्थ नजर आ रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्हें फेफड़ों में संक्रमण हो गया, जिसके बाद सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.
परिवार के एक सदस्य ने बताया, ‘सर्जरी सफल रही और तीसरे दिन वह बैठकर बात कर रहे थे. लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें फेफड़ों में इन्फेक्शन हो गया था और आज सुबह 7:30 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.’ कोठारी ने 1990 में विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता था. उनके बेटे सौरव भी पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन हैं, जिन्होंने 2025 में यह खिताब जीता था. सौरव को उनके पिता ने ही ट्रेनिंग दी थी. अस्पताल में मनोज कोठारी के बेटे सौरभ कोठारी ने पिता के पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज लपेटकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद तिरुनेलवेली के वीएम चत्रम स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

मनोज कोठारी का निधन
साल 1990 में वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतने वाले मनोज कोठारी को 2005 में प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद पुरस्कार मिला था. वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के हेड कोच भी रहे. भारतीय क्यू स्पोर्ट्स के विकास में मनोज कोठारी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया. कोठारी अपनी सटीक तकनीक, धैर्य और रणनीतिक खेल के लिए पहचाने गिए. लंबे समय तक भारतीय बिलियर्ड्स में शीर्ष स्तर पर बने रहना उनकी निरंतरता और मेहनत को दर्शाता है. उन्होंने न सिर्फ खिताब जीते, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी बने.
पिता के नक्शेकदम पर बेटे
मनोज कोठारी के बेटे सौरभ कोठारी ने भी पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस खेल को चुना और वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती. सौरव को उनके पिता ने ही प्रशिक्षित किया था. सौरव कोठारी ने अप्रैल 2025 में पंकज आडवाणी को शिकस्त देकर आईबीएसएफ वर्ल्ड बिलियर्ड्स 2025 का खिताब अपने नाम किया था. 40 वर्षीय सौरव ने 725 अंक हासिल किए थे, जबकि आडवामी 480 अंक ही हासिल कर सके.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
