@जे0के0/सोनभद्र……
__साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति’ पर जन-जागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित

जनपद के समस्त सर्किलों व थानों पर यह कार्यक्रम यूट्यूब के माध्यम से लाइव प्रसारित (ब्रॉडकास्ट) किया गया, जिसके जरिए छात्र-छात्राओं एवं पुलिसकर्मियों ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम का अवलोकन किया और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में आज डी.आर. ड्रीम्स होटल, रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में “साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम वी.के. सिंह एवं अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

पुलिस महानिदेशक श्री वी0 के0 सिंह का संबोधन :–
पुलिस महानिदेशक महोदय वी0के0 सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं, उद्यमियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के लिए स्वयं सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें। साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम है।”
उन्होंने सभी से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, OTP साझा न करने, बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखने, तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना 1930 हेल्पलाइन पर देने की अपील की।

यातायात सुरक्षा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति में छात्रों ने संदेश दिया:- हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएँ, गति सीमा का पालन करें और मोबाइल का प्रयोग न करें।”
मिशन शक्ति विषयक लघु फिल्मों और समूह गीतों के माध्यम से छात्राओं ने आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं नारी सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश दिया।
इन प्रस्तुतियों को अधिकारियों द्वारा सराहा गया और छात्रों को “जागरूकता के युवा दूत” के रूप में समाज में ऐसे प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मुख्य अतिथि नेशनल साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे का संबोधन:- डिजिटल अरेस्ट नामक कोई वैधानिक शब्द नहीं है। अतः यदि कोई व्यक्ति इस नाम से लिंक या कॉल भेजे, तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक, QR कोड या ऐप से पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अज्ञात कॉलर के कहने पर कॉल मर्ज या कॉल फॉरवर्डिंग करें।”
उन्होंने बताया कि लिंक फ्रॉड, ई-कॉमर्स फ्रॉड, APK/ऐप इंस्टॉल फ्रॉड, फ्री वाई-फाई फ्रॉड, बिजली बिल फ्रॉड, OLX फ्रॉड जैसे अनेक तरीकों से साइबर ठगी की जा रही है।

उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाइल में SIM कार्ड लॉक सक्रिय करें तथा Mobi Armour जैसे प्रमाणित सुरक्षा एप का प्रयोग करें, जो छह प्रकार से साइबर सुरक्षा प्रदान करता है।
“साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और अपने बैंक को ईमेल कर अकाउंट फ्रीज करवाएँ।
सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.csk.gov.in
(साइबर सुरक्षा केंद्र) पर जाकर एंटी-वायरस, बॉट रिमूवल टूल्स एवं सुरक्षा उपाय प्राप्त किए जा सकते हैं।”
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी ओबरा, क्षेत्राधिकारी सदर, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, अध्यापकगण, पत्रकार बंधु, उद्यमी, व्यापारीगण एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।