चुर्क संवाददाता@संजय सिंह…

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी) सोनभद्र में आयोजित पांच दिवसीय तकनीकी कार्यक्रम के तीसरे दिन साइबर सुरक्षा के समकालीन आयामों और विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए।

इस दौरान मल्टीमीडिया डेटा ट्रांसफर के समय इमेज, ऑडियो और वीडियो की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों तथा उनके व्यावहारिक समाधानों पर गहन चर्चा की गई।

कार्यक्रम के प्रारंभिक तकनीकी सत्र में डॉ. मैनेजर यादव ने विजुअल क्रिप्टोग्राफी विषय पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इसके बाद डॉ. अवनीश यादव ने पोस्ट क्वांटम सिक्योरिटी प्रोटोकॉल फॉर 5जी एवं 6जी कम्युनिकेशन विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे 5जी नेटवर्क और भविष्य में आने वाली 6जी तकनीक को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर काम किया जा रहा है।

अपराह्न के तकनीकी सत्र में डॉ. अवनीश यादव ने पोस्ट क्वांटम सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने स्काइथर वैलिडेशन टूल के माध्यम से भविष्य में विकसित होने वाले क्वांटम कंप्यूटर से संभावित साइबर हमलों के खतरों और नेटवर्क सुरक्षा को मजबूत बनाने के तरीकों का विश्लेषण प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि यह टूल संभावित हमलावर की तरह सिस्टम की सुरक्षा कमजोरियों की जांच करता है, जिससे किसी संगठन के नेटवर्क और डिजिटल संसाधनों की सुरक्षा क्षमता का आकलन किया जा सकता है। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. अमोद तिवारी, कोऑर्डिनेटर डॉ. मैनेजर यादव, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. कल्पना सिंह, लालबाबू यादव, विवेक देव पांडेय, नवनीत उपाध्याय सहित अन्य शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।