बीजपुर संवाददाता@रामबली मिश्रा…
—- 26 ग्राम पंचायतों में चल रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रम, आधुनिक खेती और रोजगार से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

ग्राम पंचायत जरहां के टोला चेतवा स्थित वनवासी सेवा आश्रम की शाखा में मंगलवार को क्षेत्रीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में आदिवासी बहुल क्षेत्र के ग्रामीणों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, आधुनिक कृषि, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वनवासी सेवा आश्रम की चेतवा शाखा के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने की। सम्मेलन का शुभारंभ वनवासी सेवा आश्रम गोविंदपुर के संस्थापक स्वर्गीय प्रेम भाई जी एवं उनकी पत्नी स्वर्गीय रागिनी बहन जी की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करना और उन्हें रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना रहा। इस दौरान मशरूम उत्पादन, सूरन की खेती और बकरी पालन जैसे रोजगारपरक कार्यों को बढ़ावा देने तथा इनके लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करके ग्रामीण अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

चेतवा शाखा के प्रभारी रघुनाथ भाई जी ने बताया कि वनवासी सेवा आश्रम की शाखा वर्तमान में 26 ग्राम पंचायतों में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसके तहत स्वच्छता अभियान, जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण, नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नशामुक्ति जागरूकता तथा आदिवासी स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किसान समितियों का गठन कर आधुनिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। सम्मेलन में शिक्षा के महत्व, सामाजिक जागरूकता और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक परिवारों को आश्रम के कार्यक्रमों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में गोविंदपुर आश्रम से विमल भाई, देवनाथ भाई, प्रदीप भाई, जगत नारायण भाई एवं नीता बहन सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग त्रिभुवन नारायण सिंह, रामनारायण, गुलाब खान और श्रीराम वियार समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शेर सिंह जी ने किया। सम्मेलन के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूकता, प्रशिक्षण और सामूहिक सहभागिता के जरिए गांवों के विकास तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
