मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
..180 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ेगी, 29 नए लगेंगे; जर्जर तार और केबल बदले जाएंग

जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए बिजली विभाग 22 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके तहत राबर्ट्सगंज और पिपरी क्षेत्र में कुल 332 कार्य कराए जाएंगे। इनमें अधिक लोड से जूझ रहे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफार्मर लगाने, पुराने और खराब तारों को बदलने, नई बिजली लाइनें बिछाने और बिजली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने के काम शामिल हैं। शासन से इन कार्यों को मंजूरी मिल गई है। विभाग जल्द काम शुरू कराने की तैयारी में है।

जिले में बिजली की मांग बढ़ने से कई जगह ट्रांसफार्मरों पर अधिक भार पड़ रहा है। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने और उपकरणों में खराबी आने की आशंका रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने बिजली व्यवस्था सुधारने की योजना तैयार कर शासन को भेजी थी। मंजूरी मिलने के बाद अब इन कार्यों को शुरू कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
योजना के तहत 180 ऐसे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिन पर जरूरत से ज्यादा बिजली का भार पड़ रहा है। इसके अलावा 29 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार 10 से 400 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को अधिक क्षमता वाला बनाया जाएगा। इससे ट्रांसफार्मरों पर दबाव कम होगा और बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

पिपरी क्षेत्र में छह नई 33 केवी और 20 नई 11 केवी की बिजली लाइनें बनाई जाएंगी। इसके अलावा दो बिजली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जहां से बिजली को अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है। योजना के तहत 95 स्थानों पर पुराने और खराब तारों व केबलों को भी बदला जाएगा।

इसके साथ ही बिजली की आपूर्ति नियंत्रित करने, खराबी से बचाव करने और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जरूरी उपकरणों की मरम्मत और बदलाव के काम भी होंगे। इससे बिजली नेटवर्क मजबूत करने और आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 22 करोड़ रुपये की लागत से 332 कार्यों को मंजूरी मिली है। इनमें ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफार्मर लगाने और पुराने तारों को बदलने सहित अन्य कार्य शामिल हैं। सभी स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
