मऊ: सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी लगाई जा रही है, ताकि ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े. लेकिन मऊ जनपद की खुरहट ग्राम सभा में पानी की टंकी तो बनाई गई, लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया. इससे ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ग्रामीण क्या मांग कर रहे हैं.
दो साल से अधूरी पड़ी है पानी की टंकी
लोकल 18 से बात करते हुए ग्रामीण चंद्रदीप ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी के लिए बोरिंग तो की गई, लेकिन पानी की टंकी नहीं बनाई गई. अब पेयजल संकट के कारण लोगों को खाना बनाने, कपड़े धोने तथा बच्चों को स्कूल भेजने जैसी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कई लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही पानी की टंकी लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होने वाली थी, लेकिन इसे अधूरा ही छोड़ दिया गया. करीब दो वर्षों से काम बंद पड़ा है. पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की गई और अब गांव की सड़कें भी गड्ढों से भर गई हैं, लेकिन पाइपलाइन बिछाने का काम भी पूरा नहीं हुआ.
दूषित पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण
पानी की टंकी न बनने से ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है, जिससे कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बना हुआ है. अधूरी टंकी के कारण ग्रामीणों को पानी की तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. वर्तमान में स्थिति यह है कि चार नंबर की मशीन से ही ग्रामीणों को पानी पीना पड़ता है, जिसका पानी शुद्ध नहीं होता है. इस वजह से कई बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है. यदि पानी की टंकी शुरू हो जाए और गांव-गांव तक घर-घर पानी की सप्लाई होने लगे, तो लोगों को शुद्ध जल मिलने लगेगा और पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.
शुरुआत में तेजी से हुआ काम, फिर अचानक बंद हो गया निर्माण
दिनेश और अजय बताते हैं कि जब इस पानी की टंकी के निर्माण की शुरुआत की गई, तो पूरे गांव में खुशी की लहर छा गई. कुछ दिनों तक बहुत तेजी से काम हुआ. ऐसा लगा कि जल्द ही पानी की टंकी शुरू कर दी जाएगी और लोगों को घर-घर पानी मिलना शुरू हो जाएगा. लेकिन कुछ दिन काम होने के बाद ठेकेदार और कर्मचारी पानी की टंकी को अधूरा छोड़कर वहां से चले गए. अब यह अधूरी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है.
ग्रामीणों की मांग, जल्द शुरू कराई जाए पानी की टंकी
यदि टंकी का निर्माण पूरा हो जाता, तो गांव वालों को सही समय पर शुद्ध पानी मिलने लगता. ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि पानी की टंकी को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, जिससे उन्हें पानी की समस्याओं से राहत मिल सके. वर्तमान में स्थिति यह है कि बरसात का मौसम चल रहा है, जिसकी वजह से चार नंबर की मशीन से दूषित पानी निकल रहा है और ग्रामीण इस पानी को पीने के लिए मजबूर हैं. यदि पानी की टंकी बन जाती, तो ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिलने लगता.
