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बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने साल 1993 के आर्म्स केस को लेकर कई साल बाद बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि उस वक्त उनसे गलती हुई थी और हथियार अपने पास रखने से पहले उनके मन ने उन्हें ऐसा करने से रोका भी था, लेकिन उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज नहीं सुनी. एक इंटरव्यू में संजय ने अपनी गिरफ्तारी, पिता सुनील दत्त के सामने खुद को मजबूत दिखाने और जेल में बिताए मुश्किल दिनों को भी जिक्र किया.
संजय दत्त ने फिर अपने दर्द को किया याद
नई दिल्ली. बॉलीवुड के दमदार स्टार संजय दत्त ने साल 1993 के आर्म्स केस को लेकर एक बार फिर चर्चा की है.उनका कहना है कि उस वक्त उन्होंने जो फैसले लिए वो गलत थे. उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज तक को नजरअंदाज कर दिया था. उनके लिए यही चीज गलत साबित हुई. उन्हें लगा था कि कुछ दिनों तक हथियार अपने पास रखने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन उनका यही फैसला उनके लिए मुसीबत बन गया था.
संजय दत्त कुछ समय पहले ही शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में आए थे. इस दौरान उन्होंने इस मामले से जुड़े कई पुराने किस्से शेयर किए. उन्होंने अपनी गिरफ्तारी, पिता सुनील दत्त का रिएक्शन और जेल में बिताए दिनों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि वो वक्त उनके कई गलत फैसलों की वजह से मुश्किलों में बीता था.
संजय दत्त कबूली अपनी गलती
संजय दत्त ने इस बातचीत में कहा कि उस वक्त उनसे गलती हो गई थी. उन्हें अपने मन की आवाज सुननी चाहिए थी.अपनी बात करते हुए उन्होंने कहा कि, ‘गलती मेरी थी. अगर आपका दिल आपसे कुछ कहता है, तो उसको जरूर सुनना चाहिए. लेकिन जो आपका दिमाग कह रहा है, उसे नजरअंदाज कर देना चाहिए. उन्होंने पहली बार उन हथियारों को देखा, जिन्हें उन्हें अपने पास रखने के लिए कहा गया था, उस वक्त उनके मन ने कहा था कि ये गलत है, लेकिन उन्होंने उस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था.
बेटे की हरकत पर जब टूट गए थे सुनील दत्त
संजय ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि हर इंसान को अपने देश के कानूनों के बारे में हर जानकारी होनी चाहिए, जहां वह रहता है. संजय ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें लंबे समय तक कानूनी पचड़ों में पड़े रहना पड़ा था. उन्होंने अपनी गिरफ्तारी का एक भावुक पल भी याद किया और कहा कि जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची और उनके हाथों में हथकड़ी लगाई गई,तो उनके पिता सदमे में आ गए थे.उनकी आंखों में आंसू थे.उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि उनका बेटा ऐसा कैसे कर सकता है. वह बुरी तरह टूट गए थे.
बता दें कि ये मामला उस वक्त का है, जब 12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच के दौरान उनका नाम सामने आया था.उस दौरान जांच उनके पास प्रतिबंधित हथियार होने की बात सामने आई थी. इस मामले में उनके पास एके-56 राइफल, पिस्तौल और गोलियां शामिल थीं. इसके बाद अप्रैल 1993 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.फिर नवंबर 2006 में विशेष अदालत ने संजय दत्त को प्रतिबंधित हथियार रखने के मामले में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया था.उन्हें मुंबई बम धमाकों में शामिल होने का दोषी नहीं ठहराया गया था.बाद फरवरी 2016 में रिहा कर दिया गया.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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