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— सीमांकन के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल निलंबित
— वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान, एसडीएम ने की कार्रवाई; मामले की विस्तृत जांच के आदेश

Sonbhadra । “सोनभद्र लाइव न्यूज़” पर भूमि पैमाइश के नाम पर₹25000 मांगने संबंधित खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमें जमीन के सीमांकन के नाम पर कथित अवैध धन उगाही के मामले में दुद्धी तहसील प्रशासन ने कार्रवाई की है। देवरीहंवा गांव में जमीन की पैमाइश के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल विमलेश कुमार को उप जिलाधिकारी दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि बभनी के भाजपा मंडल महामंत्री लक्ष्मी प्रसाद ने शिकायत की थी कि ग्राम देवरीहंवा स्थित आराजी संख्या 716/717 के सीमांकन के लिए लेखपाल विमलेश कुमार और राजस्व निरीक्षक राजनाथ द्वारा 25 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, बातचीत के बाद 10 हजार रुपये लेकर काम करने की बात तय हुई। इसी दौरान लेनदेन और बातचीत से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार (पूर्वी) से प्राथमिक जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सरकारी कार्य के एवज में अवैध धन वसूली किए जाने की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।

एसडीएम दुद्धी ने शासकीय कार्यों में लापरवाही तथा उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के मामले में लेखपाल विमलेश कुमार, क्षेत्र जाबर एवं तत्कालीन क्षेत्र सतबहनी, को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

मामले की विस्तृत जांच नायब तहसीलदार दुद्धी (पश्चिमी) को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है।

शिकायत में राजस्व निरीक्षक राजनाथ का नाम भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक आदेश के अनुसार उनके विरुद्ध फिलहाल निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई है। मामले की विस्तृत जांच नायब तहसीलदार दुद्धी (पश्चिमी) को सौंपी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
