संवाददाता@रामबली मिश्रा….

रविवार की रात्रि गरज तड़क के साथ आफ़त बनकर हुई बरसात से इलाके में भारी अफरा तफरी का माहौल सोमवार को रहा।बदल फट कर जैसा बरसात होने से जरहा अंजीर नदी के रौद्र रूप धारण करने से अचानक पानी के दबाव बढ़ गया जिससे कही पुल टूटे तो कही किसानों के फसल मिट्टी बालू से दब कर बर्बाद हो गए वही रहायसी इलाके के घरों पानी घुस गया । तेज तड़क गरज से कितने घरों के कूलर,पंखा फ्रिज आदि खराब हो गए ।बिजली की आपूर्ति भी पेड़ पोल गिरने ठप हो गई हैं।
डोडहर , डुमरचुआ,दिग्गुल के लिए जाने वाली सड़क का पुलिया पानी के तेज बहाव से टूट कर बह गया जिससे जिससे हजारों के आबादी वाले गांव डोडहर,जरहा, दिग्गुल का संपर्क टूट जाने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।गांव के पढ़ने वाले बच्चे,श्रमिक अन्य कार्य से जाने वाले ग्रामीण लंबी दूरी तय करके अपना किसी तरह से कार्य कर सके।ग्रामीणों ने टूटे पुल को जल्द बनवाने की मांग जिलाधिकारी से किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में अगर यह पुल नहीं बना तो कभी भी अप्रिय घटना हो सकती हैं।ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक के हुए बरसात में इतना जबरजस्त बारिश कभी नहीं हुआ था बताया जा रहा है कि गरज तड़क के साथ हुईं बारिश इतनी भयावह थी कि मानो बादल फट कर बरस रहा हो।सोमवार की सुबह इलाके में चारों ओर अफरा तफरी का माहौल रहा।कच्चे,पक्के मकान सीपेज और चुने लगे लोगों की रात्रि की नींद हराम हो गई। नदी नालों के उफान से घरों में पानी घुस गया जिससे लोगो की मुसीबत बढ़ गई।
जरहा,चेतवा के राजेंद्र सिंह बघेल फार्म हाउस के कृषि प्रबंधक राहुल सिंह ने बताया कि बरसात के पानी के दबाव से मेरा एक बंधा टूटा गया जिससे कई बीघे धान की फसल मिटटी,बालू से दबकर बर्बाद हो गई।उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत राजस्व विभाग को किया हूँ, जांच कर बर्बाद फसल की क्षतिपूर्ति आपदा राहत कोष कराई जाय।
मोखना के टूटे पुल की शिकायत ग्रामीणों ने जनसुनवाई में और पी डब्ल्यू डी विभाग को कई बार किया लेकिन किसी जिम्मेदार ने गम्भीरता से नहीं लिया अगर द रके पुल की मरम्मत करा दी गई होती आज यह समस्या ग्रामीणों के सामने मुशीबत बनकर खड़ी नहीं होती।ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने शिकायत के बाद भी गम्भीरता से नहीं लिया।
