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मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मां विंध्यवासिनी को महालक्ष्मी का अवतार माना जाता है. यहां पर दर्शन-पूजन करने से भक्तों के घर में सुख और समृद्धि आती है. अगर आपको भी धन से संबंधित समस्याएं हैं. कर्ज में डूबे हुए हैं और धन वर्षा करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन व पूजन करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए. ऐसा करने से आपके घर में धन की वर्षा होगी. कर्ज खत्म होंगे और दरिद्रता दूर भागेगी. मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है.
आचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि मां विंध्यवासिनी के नाम आते ही श्री विद्या के उपासक प्रसन्न हो जाते हैं. क्योंकि, ये त्रिपुर सुंदरी राज राजेश्वरी हैं. इन्हीं का ये जगत है. इनके एक अंश से महालक्ष्मी का प्रादुर्भाव होता है. वह प्रकट होती हैं. ये महालक्ष्मी हैं. इनका आदिन् और अंत कुछ किसी को नहीं पता. ये महालक्ष्मी स्वरूपा हैं. ह्रीं इनका बीज मंत्र है. मां को यदि प्रसन्न करना है. आर्थिक स्थिति को ठीक करनी है तो मां को श्री सूक्त का पाठ सुनाएं. कनकधारा का पाठ सुनाएं.
इत्र और चंदन प्रिय
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि मां के पूजन में इत्र का ज्यादा आप दान करें. इत्र मां को लगने के लिए प्रयोग करें. मां को चंदन चढ़ाए. मल्यागिरि का चंदन माई के यहां दान करें. यदि माई के चरण में, माई के मस्तक पर वो चंदन लगेगा तो आपके घर में श्री की वर्षा होगी. आप स्वतः रात्रि में, सायंकाल के समय, प्रदोष काल के समय, मां लक्ष्मी का पूजन करें. लाल वस्त्र धारण करें. गंध, अक्षत, पुष्प से, षोडशोपचार से महालक्ष्मी का पूजन करें.
नव आवरण पूजन उत्तम
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि महालक्ष्मी का नव आवरण पूजन करना बड़ा उत्तम होता है, जो श्री विद्या के उपासक हैं. दीक्षित हैं. वह जानते हैं कि आवरण पूजन क्या होता है. मां का आवरण पूजन अच्छे योग्य ब्राह्मण से करावें. इसके साथ ही श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” इस मंत्र का या से जप कराएं. इस मंत्र से शहद, बेलपत्र, कमलगट्टा, बेल का गूदा, मिश्री इसको मिश्रित करके और केसर आदि डाल के महालक्ष्मी का हवन करें.
कमल पुष्प करें अर्पित
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि इस हवन में भगवती से प्रार्थना करें कि आपके घर की दरिद्रता, आपके घर की व्याकुलता, कलह को दूर करके धन-धान्य, ऐश्वर्य की वृद्धि कराएं. साथ में महालक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए माई को कमल का पुष्प अर्पण करना चाहिए. ललिता सहस्रनाम का स्तोत्र पढ़ना चाहिए या आचार्य ब्राह्मण के द्वारा कराना चाहिए. मां की नगरी में महालक्ष्मी की प्राप्ति के निमित्त अनुष्ठान करने से धन-धान्य, ऐश्वर्य की वृद्धि होती है. महालक्ष्मी की विशेष अनुकंपा प्राप्ति के लिए आप माई के चरणों में यथाशक्ति जो भी दान कर सकते हैं करें, उससे महालक्ष्मी की कृपा बरसेगी. महालक्ष्मी जब धन-धान्य बढ़ाएगी तो आपका यश निश्चित बढ़ेगा.
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