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Sambhal News: यूपी के संभल में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ ने मुसलमानों को बड़ा पैगाम दिया है. उन्होंने कहा कि मीट-चाय का खर्च घटाएं, बच्चों की तालीम पर पैसा लगाएं. वसी अशरफ ने कहा कि आधी रोटी खाएं, लेकिन बच्चों को तालीम में आगे लेकर जाएं.
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ
संभल: उत्तर प्रदेश के जिला संभल में मौलाना वसी अशरफ का बड़ा बयान सामने आया है. संभल में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ ने मुस्लिम समाज से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की. मौलाना ने मुसलमानों को बड़ा पैगाम देते हुए कहा कि मीट-चाय का खर्च घटाएं, बच्चों की तालीम पर पैसा लगाएं. वसी अशरफ ने कहा कि आधी रोटी खाएं, लेकिन बच्चों को तालीम में आगे लेकर जाएं.
उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की का सबसे मजबूत रास्ता तालीम है. अभिभावकों को गैर-जरूरी खर्चों में कटौती कर बच्चों की पढ़ाई पर अधिक पैसा खर्च करना चाहिए. 380 रुपए किलो मीट और 15-20 रुपए की चाय का उदाहरण देते हुए मौलाना वसी अशरफ ने कहा कि परिवार रोजमर्रा के खर्चों में थोड़ी बचत करके बच्चों की यूनिफॉर्म, किताबों और कोर्स के लिए पैसा जुटा सकते हैं. महंगे मीट और चाय पर होने वाले खर्च को कम करके वही रकम बच्चों की शिक्षा पर लगाई जा सकती है.
‘गोश्त की जगह दाल-सब्जी खाएं’
मौलाना ने कहा कि अगर आर्थिक स्थिति ऐसी है कि हर खर्च संभालना मुश्किल हो, तो जरूरत के मुताबिक खान-पान के खर्च में कटौती की जा सकती है. उन्होंने अपील की है कि गोश्त की जगह दाल-सब्जी खा लें, लेकिन बच्चों की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए. मौलाना वसी अशरफ ने सच्चर कमेटी समेत विभिन्न रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुस्लिम समाज की शिक्षा के क्षेत्र में स्थिति पर ध्यान देने की बात कही.
अजमली मिशन और अजमल उलूम के संदेश का जिक्र
उन्होंने कहा कि अब अभिभावकों को बच्चों की तालीम को लेकर गंभीरता दिखानी होगी, ताकि आने वाली पीढ़ी बेहतर अवसर हासिल कर सके. मौलाना ने अजमली मिशन और अजमल उलूम के संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को परिवार और समाज के बेहतर भविष्य से जोड़ते हुए अभिभावकों से शिक्षा को पहली प्राथमिकता देने की अपील की.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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