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Public Opinion Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, बल्कि भारत देश की जनता भी शोक में है. नाना पाटेकर ने अपने किरदार से लोगों को काफी प्रभावित किया है. उनके निधन पर नोएडा के लोगों ने भी दुख जताया.
नोएडा: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है. 75 वर्ष की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हुआ. करीब पांच दशक के फिल्मी करियर में नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए. उनके निधन पर नोएडा के लोगों ने भी दु:ख जताया और कहा कि उन्होंने बचपन से नाना पाटेकर की फिल्में देखी हैं. लोगों के मुताबिक, एक कलाकार का दौर भले ही खत्म हो जाता है, लेकिन उसकी आवाज, संवाद और निभाए गए किरदार लोगों की यादों में लंबे समय तक जीवित रहते हैं.
किरदारों ने छोड़ी अलग छाप
नोएडा के लोगों ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि नाना पाटेकर की फिल्मों और उनके अभिनय जैसे क्रांतिवीर, तिरंगा और परिंदा जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने अलग छाप छोड़ी. खासतौर पर क्रांतिवीर में उनके अभिनय और संवाद अदायगी को लोगों ने याद किया. एक प्रशंसक ने कहा कि नाना पाटेकर के डायलॉग में ऐसी ताकत थी कि उन्हें सुनकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
लोगों के मुताबिक, उनकी आवाज और संवाद बोलने का अंदाज इतना प्रभावशाली था कि आज भी सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के सीन और मीम वायरल होते रहते हैं. उनके प्रशंसकों के लिए उनकी फिल्मों के सीन सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि बचपन और पुरानी यादों का हिस्सा भी हैं.
पीढ़ियों तक याद किया जाएगा किरदार
लोगों ने नाना पाटेकर को सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व के रूप में भी याद किया. नोएडा निवासी वरुण ने कहा कि उनका जाना केवल फिल्म इंडस्ट्री की क्षति नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नुकसान है. उन्होंने नाना पाटेकर के सेना और कारगिल से जुड़े योगदान को भी याद किया. उनके मुताबिक नाना पाटेकर ने जिस तरह फिल्मों में प्रभावशाली किरदार निभाए, उससे उनकी अलग पहचान बनी. प्रशंसकों का कहना है कि एक व्यक्ति के तौर पर नाना पाटेकर भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार और उनका अभिनय आने वाली पीढ़ियों तक याद किया जाएगा.
नाना की बेहतरीन और डाउन टू अर्थ वाली छवि
नाना पाटेकर के फिल्मी जीवन के साथ उनके साधारण जीवन और खेती से जुड़े रहने को भी नोएडा के लोगों ने याद किया. एक प्रशंसक ने बताया कि फिल्मों की चमक-दमक से अलग नाना पाटेकर अपने गांव और खेती-बाड़ी से भी जुड़े रहे. वह अपने परिवार के साथ रहते हुए फल-सब्जियां उगाने और जमीन से जुड़े रहने की कोशिश करते थे. लोगों के मुताबिक, उनका यह पक्ष भी उन्हें दूसरों से अलग बनाता था. उनके अभिनय की तरह उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कई बातें भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही हैं. प्रशंसकों ने कहा कि नाना पाटेकर की आवाज, एक्टिंग और डायलॉग की अपनी अलग पहचान थी और कई लोग आज भी उनकी आवाज की नकल करते हैं.
उनकी आवाज और एक्टिंग रहेगी जिंदा
नाना पाटेकर के निधन पर नोएडा के लोगों ने भावुक होकर कहा कि उनके जाने का दु:ख शब्दों में बयां करना मुश्किल है. प्रशंसकों के मुताबिक, उन्होंने कई ऐसे किरदार निभाए जो सीधे लोगों के दिल तक पहुंचे. उनकी फिल्मों के संवाद, उनकी आवाज और एक्टिंग हमेशा दिलों में जिंदा रहेगी. लोगों ने कहा कि किसी कलाकार का शरीर दुनिया से चला जाता है, लेकिन उसकी कला और उसके किरदार उसे लोगों की यादों में जिंदा रखते हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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