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Shahjahanpur News: शाहजहांपुर और भारतीय वायुसेना का संबंध बेहद खास और ऐतिहासिक है. ब्रिटिश काल में नेपाल और चीन सीमा के निकट होने के कारण यहां एयरबेस बनाने का प्रस्ताव था, जिसे कृषि भूमि बचाने के लिए टाल दिया गया. आज गंगा एक्सप्रेसवे की 3.5 मील लंबी हवाई पट्टी आपातकालीन लैंडिंग के लिए तैयार है, जो इस माटी के जांबाज युवाओं के साथ वायुसेना का गौरव बढ़ा रही है.
शाहजहांपुर: आज पूरा देश भारतीय वायुसेना दिवस गर्व के साथ मना रहा है. इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का भारतीय वायुसेना के साथ एक अनोखा और गहरा संबंध सामने आता है. हालांकि शाहजहांपुर में वर्तमान समय में कोई सक्रिय एयरफोर्स बेस मौजूद नहीं है, लेकिन इतिहास के पन्नों में इस शहर का अपना एक विशेष स्थान रहा है.
ब्रिटिश काल से लेकर आधुनिक भारत तक, शाहजहांपुर ने वायुसेना के विकास और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. चीन और नेपाल सीमाओं के पास होने के कारण शाहजहांपुर भौगोलिक रूप से बहुत रणनीतिक रहा है. इसके अलावा आज भी गंगा एक्सप्रेसवे पर बनी हवाई पट्टी और अन्य सुविधाओं के जरिए शाहजहांपुर वायुसेना से सीधे जुड़ा हुआ है.
निर्माण से बहुत अधिक उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित
प्रख्यात इतिहासकार डॉ. विकास खुराना का कहना है कि जब हम पुराने गजेटियर का अध्ययन करते हैं, तो पता चलता है कि अंग्रेज शाहजहांपुर में एक बड़ा एयरफोर्स स्टेशन बनाना चाहते थे. लेकिन इंजीनियरों की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि इसके निर्माण से बहुत अधिक उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी, जिसके बाद इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया. उन्होंने बताया कि अब गंगा एक्सप्रेसवे पर साढ़े तीन मील की पट्टी लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए तैयार की गई है. इसके साथ ही शाहजहांपुर के कई जाबांज युवा वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं और यहां के लोग हमेशा वायुसेना के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं.
चीन और नेपाल सीमा तक पहुंच
अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान शाहजहांपुर की भौगोलिक स्थिति को बहुत महत्वपूर्ण माना गया था. चीन और नेपाल सीमाओं की नजदीकी को देखते हुए यहां एक बड़ा एयर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया था. हालांकि कृषि योग्य भूमि को बचाने के लिए उस समय इंजीनियरों की सलाह पर योजना रोक दी गई. इसके बावजूद ऐतिहासिक रूप से इस जिले की सामरिक उपयोगिता और वायुसेना के साथ इसका पुराना संबंध हमेशा याद किया जाता है.
गंगा एक्सप्रेसवे पर विशेष हिस्सा
आधुनिक समय में भी शाहजहांपुर का भारतीय वायुसेना से जुड़ाव लगातार बना हुआ है. जिले से गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर साढ़े तीन मील का एक विशेष हिस्सा तैयार किया गया है. इस पट्टी का उपयोग आपातकालीन स्थितियों में लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य जहाजों को उतारने के लिए किया जाएगा. यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर शाहजहांपुर को देश की वायु सुरक्षा प्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ता है.
वायुसेना में शामिल होने का भारी उत्साह
शाहजहांपुर की धरती ने देश को अनेक वीर और जाबांज सैनिक दिए हैं. इस जिले के कई कैप्टन, कर्नल और अन्य सैन्य अधिकारी भारतीय सशस्त्र बलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. आज भी शाहजहांपुर के युवाओं में वायुसेना में शामिल होने का भारी उत्साह देखा जाता है. स्थानीय युवा दिन-रात मेहनत करके एयरफोर्स की विभिन्न शाखाओं में भर्ती होने के लिए अपनी तैयारी में लगे रहते हैं.
भारतीय वायुसेना दिवस के इस शुभ अवसर पर शाहजहांपुर के नागरिक गर्व का अनुभव कर रहे हैं. जिले के लोगों में वायुसेना के प्रति हमेशा एक विशेष कृतज्ञता और आदर का भाव रहता है. अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान योगदान के बल पर शाहजहांपुर भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास में अपना एक अलग और सम्मानित स्थान हमेशा बनाए रखता है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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