• Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

ayodhya tourist place | ayodhya best place | ayodhya me ghumne ki jagah

Admin by Admin
October 5, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
ayodhya tourist place | ayodhya best place | ayodhya me ghumne ki jagah


Last Updated:October 05, 2026, 20:24 IST

Ayodhya News: अगर आप दीपावली के मौके पर अयोध्या आने का प्लान बना रहे हैं और रामनगरी की खास जगह पर घूमना चाहते हैं, तो प्रभु राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर के अलावा और भी बहुत सारी ऐसी जगह हैं, जहां आप दीपावली के मौके पर परिवार के संग घूम सकते हैं.

राम मंदिर अयोध्या में 500 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद प्रभु राम का दिव्य और भव्य मंदिर तैयार हो गया है. राम मंदिर परिसर में अगर आप परिवार के साथ दर्शन करने आ रहे हैं. तो आप यहां राम मंदिर के साथ 18 और मठ मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं. साथ ही कुबेर टीला पर जाकर एक धार्मिक अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं. राम मंदिर परिसर में रामायण काल से जुड़े ऋषि मुनि संत महंत के भी मंदिर बनाए गए हैं.

राम की पैड़ी दीपोत्सव स्थल: यह जगह सरयू तट के बिल्कुल सटा हुआ है. जहां दीपावली के मौके पर कई लाख दीपक यहां पर जलाए जाते हैं. साथ ही परिवार के साथ यहां लोग धार्मिकता के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी इस जगह पर पहुंचते हैं. इस पूरे स्थल पर रामायण कालीन दृश्य भी अंकित किए गए हैं. जहां लोगों को धार्मिकता का भी अनुभव प्राप्त होता है. रात के अंधेरे में इस जगह पर रंग-बिरंगी लाइट अयोध्या आने वाले लोगों का मन मोह लेती है.

गुप्तार घाट
सरयू नदी के तट पर स्थित गुप्तार घाट अयोध्या के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में एक माना जाता है. मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने यहीं से सरयू में जल समाधि लेकर अपने धाम की ओर प्रस्थान किया था. यही वजह है कि इस घाट का धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है.
गुप्तार घाट की खूबसूरती श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है. घाट की सीढ़ियां, साफ-सुथरा परिसर और सरयू का शांत वातावरण यहां आने वाले लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है. सुबह और शाम के समय यहां का नजारा बेहद मनमोहक होता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

Advertisement
Advertisement
Advertisement

लता चौक
लता मंगेशकर चौक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. यह चौक महान गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर की स्मृति को समर्पित है. यहां स्थापित विशाल वीणा की प्रतिकृति इसकी सबसे खास पहचान है, जो भारतीय संगीत और सुरों की विरासत को दर्शाती है. सरयू तट के करीब स्थित यह चौक रात के समय रोशनी से जगमगाता है और इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है.

सूर्य कुंड
राम मंदिर से लगभग 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित सूर्यकुंड है, जहां सूर्यकुंड परिसर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण यहां आने वाले लोगों को सुकून का एहसास कराता है. कुंड के आसपास विकसित किए गए क्षेत्र और आकर्षक सजावट इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. सुबह और शाम के समय यहां का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है. दीपावली और दीपोत्सव के दौरान सूर्यकुंड भी विशेष रोशनी और सजावट से जगमगाता है. शाम के समय दीपों की कतार और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं का मन मोह लेती है. 

वैक्स म्यूजियम
रामनगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए वैक्स म्यूजियम भी आकर्षण का नया केंद्र बन चुका है. यहां देश-दुनिया की चर्चित हस्तियों के मोम के पुतलों को बेहद आकर्षक अंदाज में प्रदर्शित किया गया है. म्यूजियम में पहुंचने वाले लोग इन पुतलों के साथ तस्वीरें खींचकर अपनी यादें संजो सकते हैं. वैक्स म्यूजियम की खासियत इसकी आधुनिक प्रस्तुति और आकर्षक इंटीरियर है. परिवार के साथ अयोध्या घूमने आने वाले लोगों के लिए यह जगह खास आकर्षण बन सकती है.

मणि पर्वत
रामनगरी अयोध्या में स्थित मणि पर्वत धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है. 65 फीट ऊंचे इस ऐतिहासिक स्थल का संबंध भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़ा हुआ है. धार्मिक कथाओं के अनुसार, माता सीता यहां झूला झूलती थीं, इसलिए सावन के दौरान मणि पर्वत पर विशेष धार्मिक आयोजन और झूला उत्सव का आकर्षण देखने को मिलता है. साथ ही अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी यहां पर पहुंचते हैं. दीपावली के मौके पर यहां लाखों दीपक भी जलाए जाते हैं.

कनक भवन
अयोध्या में राम मंदिर हनुमानगढ़ी के बाद श्रद्धालु कनक भवन भी पहुंचते हैं. ऐसी स्थिति में अयोध्या की धार्मिकता की पहचान रखने वाला कनक भवन मंदिर माता सीता से जुड़ा माना जाता है. मान्यता है कि त्रेता युग में रानी केकई ने माता सीता को यह महल मुंह दिखाई की रस्म में दिया था. खास बात यह है कि इस महल में माता किशोरी प्रभु राम के साथ विराजमान है. परिवार के साथ जो भी लोग देश दुनिया से आते हैं, वह इस भवन पर जरूर आते हैं. यहां का शांत माहौल और वातावरण लोगों को लुभाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
First Published :

October 05, 2026, 20:24 IST



Source link

Post Views: 4
Previous Post

अजमल कसाब का वो दांव, जिसका उज्ज्वल निकम ने किया पर्दाफाश, राजकुमार राव की ‘प्रहार’ में दिखेगा पूरा सच

Next Post

सोनभद्र. दीपावली को लेकर शंकर झनकार नाट्यकला परिषद की बैठक, पुरानी कमेटी भंग कर सर्वसम्मति से अरविंद जायसवाल बने अध्यक्ष

Next Post

सोनभद्र. दीपावली को लेकर शंकर झनकार नाट्यकला परिषद की बैठक, पुरानी कमेटी भंग कर सर्वसम्मति से अरविंद जायसवाल बने अध्यक्ष

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Advertisement
Advertisement
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.