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26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य दोषी अजमल कसाब ने फांसी की सजा से बचने के लिए अदालत में खुद को महज 17 साल का नाबालिग बताने का पैंतरा चला था. कसाब के इस दांव ने पूरे केस को उलझाकर रख दिया था, लेकिन सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने हार नहीं मानी. उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट्स और अन्य सबूतों के आधार पर अजमल कसाब के इस झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया था. अब फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ में राजकुमार राव इसी ऐतिहासिक कोर्टरूम जंग को बड़े पर्दे पर जीवंत करते नजर आएंगे.
16 अक्टूबर को रिलीज होगी ‘प्रहार’. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब)
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव की अपकमिंग फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ इन दिनों सुर्खियों में है. इस मूवी की वजह से 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य दोषी अजमल कसाब और सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के बीच कोर्टरूम में हुई कानूनी जंग फिर चर्चा में आ गई है. कोर्ट में अजमल कसाब ने अपनी उम्र को लेकर ऐसा दावा किया था, जिसने केस की पूरी दिशा ही बदलकर रख दी थी. इसकी झलक फिल्म के ट्रेलर में देखने को मिल चुकी है और इसी पर यह मूवी आधारित है. चलिए आज बताते हैं कि कोर्ट में आखिर हुआ क्या था.
फांसी की सजा से बचने के लिए कसाब ने अदालत में यह दावा कि वह महज 17 साल का नाबालिग है. अप्रैल 2009 में मुकदमा शुरू होते ही कसाब के वकील अब्बास काजमी ने अदालत में उसकी उम्र को लेकर याचिका दायर की और मामला जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में भेजने की मांग की. अगर अदालत उसे नाबालिग मान लेती, तो भारतीय कानून के तहत उसे मौत की सजा नहीं दी जा सकती थी. उसकी अधिकतम सजा केवल तीन साल के लिए जुवेनाइल रिमांड होम तक सीमित रह जाती.
मेडिकल जांच और फॉरेंसिक सबूत बने हथियार
सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने इस दलील का कड़ा विरोध करते हुए इसे सजा से बचने और केस को लंबा खींचने की चाल बताया. निकम की मांग पर सर जेजे अस्पताल के चार डॉक्टरों की टीम ने डॉ. नंदा कुमार के नेतृत्व में कसाब की विस्तृत फॉरेंसिक जांच की. बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट और दांतों के एक्स-रे से साफ हुआ कि 26 नवंबर 2008 की रात कसाब की उम्र कम से कम 19 साल 6 महीने थी.
कसाब के लिए उसकी गवानी बनी मुसीबत
सरकारी और मेडिकल रिकॉर्ड्स ने कसाब के झूठ की हवा निकाल दी. आर्थर रोड जेल की तत्कालीन अधीक्षक स्वाति साठे ने अदालत में गवाही दी कि जेल में दाखिल होते समय कसाब ने खुद अपनी उम्र 21 साल दर्ज कराई थी. इसके अलावा 27 नवंबर 2008 को इलाज के दौरान नायर अस्पताल के डॉक्टर राघवन को भी कसाब ने खुद को 21 साल का ही बताया था. सबसे अहम सबूत कसाब का धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज हुआ खुद का इकबालिया बयान था, जिसमें उसने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया था कि वह बालिग है और उसकी उम्र 21 साल है.
कोर्ट ने नाबालिग होने के दावे को किया खारिज
इन तमाम सरकारी दस्तावेजों और बयानों ने कोर्ट के सामने उसके नाबालिग होने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया. विशेष न्यायाधीश एमएल तहिलयानी ने कसाब के फरीदकोट (पाकिस्तान) से जन्म प्रमाण पत्र मंगाने की बचाव पक्ष की मांग को खारिज कर दिया और मेडिकल जांच को निर्णायक सबूत माना.
कोर्ट ने बरकरार रखी कसाब के लिए फांसी की सजा
उज्ज्वल निकम के अनुसार, कसाब अक्सर कोर्ट में मासूमियत और आंसू बहाने का नाटक करता था, लेकिन वैज्ञानिक सबूतों के आगे उसकी हर चाल नाकाम साबित हुई. अगस्त 2012 में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आफताब आलम और जस्टिस सीके प्रसाद की पीठ ने भी इस मेडिकल रिपोर्ट को सही मानते हुए कसाब की फांसी की सजा बरकरार रखी.
इस दिन रिलीज होगी राजकुमार राव की ‘प्रहार’
अब दर्शक इसी ऐतिहासिक कोर्टरूम ड्रामा को ‘प्रहार’ के जरिए बड़े पर्दे पर देख सकेंगे. निर्देशक अविनाश अरुण की यह फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, जिसमें एक्टर राजकुमार राव, सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं सिकंदर खेर कसाब के वकील और आशीष विद्यार्थी जज के किरदार में नजर आएंगे. दर्शक बेसब्री से इस मूवी का इंतजार कर रहे हैं.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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