संवाददाता@अमिताभ मिश्रा…..

पिपरी थाना क्षेत्र के मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर गुरुवार की शाम हुए सड़क हादसे में कोयला लदे ट्रक के चालक की दर्दनाक मौत हो गई। डीजल टैंकर और ट्रक की आमने-सामने हुई टक्कर के बाद टैंकर सड़क पर आड़े-तिरछे हो ग जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

जाम के कारण औद्योगिक संस्थानों से लौट रहे श्रमिकों, सब्जी विक्रेताओं और अन्य राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार शाम करीब छह बजे बभनी की ओर से कोयला लदा ट्रक मुर्धवा की ओर आ रहा था। मुर्धवा से लगभग दो किलोमीटर पहले जंगल क्षेत्र में आलू लदा एक ट्रक खराब होकर सड़क किनारे खड़ा था।
खराब ट्रक से ठीक पहले ढलान होने के कारण तेज रफ्तार से आ रहे कोयला लदे ट्रक के चालक का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान मुर्धवा की ओर से डीजल लेकर जा रहा एक टैंकर सामने आ गया और दोनों वाहनों में आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि डीजल टैंकर घूमकर सड़क पर आड़े-तिरछे खड़ा हो गया, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई।

हादसे में कोयला लदे ट्रक का चालक श्याम (60 वर्ष), निवासी रॉबर्ट्सगंज ट्रक के केबिन में बुरी तरह फंस गया। आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और तत्काल हिंडालको अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही रेणुकूट चौकी प्रभारी जितेंद्र सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। उन्होंने तत्काल क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की व्यवस्था कराई, ताकि मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोला जा सके। दुर्घटना के बाद मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए मुर्धवा मोड़ पर तैनात यातायात पुलिस ने वाहनों का डायवर्जन कराया, लेकिन सड़क पूरी तरह बंद होने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

औद्योगिक संस्थानों की शिफ्ट समाप्त होने के समय हादसा होने से बड़ी संख्या में श्रमिक, रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारी और सब्जी विक्रेता जाम में फंस गए। कई लोगों को अपनी आगे की यात्रा पैदल तय करनी पड़ी, जबकि केवल दोपहिया वाहन ही किसी तरह निकल पा रहे थे। रात करीब आठ बजे क्रेन मौके पर पहुंची और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का कार्य शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक मार्ग को पूरी तरह सुचारु करने का प्रयास जारी था।







