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Ballia News: बलिया जनपद में कूड़ा फेंकने को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. बनरही गांव में नगर पालिका द्वारा आबादी और स्कूल के केंद्र में लगातार कूड़ा गिराए जाने से ग्रामीण परेशान होकर सड़क पर उतर आए हैं. आइए जानते हैं जमीनी हकीकत क्या है और इस पर जनता का क्या कहना है.
बलिया: जनपद बलिया में कूड़े के पहाड़ और ओएनजीसी की खुदाई के बीच ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है. बलिया के बनरही गांव में नगर पालिका की ओर से लगातार कूड़ा गिराए जाने से परेशान ग्रामीण अब सड़क पर उतर आए हैं. आबादी के बीच कूड़ा डंप किए जाने से बदबू, गंदगी और बीमारी का खतरा बढ़ गया है. हवा चलने पर बदबू इतनी भयंकर हो जाती है कि लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. जब हद पार हो गई तो पूरे गांव के लोग सड़क पर उतर आए. हालांकि, प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और उसका रिएक्शन भी हैरान करने वाला था. सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आज भर कूड़ा गिरा लेने दीजिए, कल से नहीं गिरेगा.
बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा
बनरही गांव निवासी विनीत कुमार चौहान ने बताया कि नगर पालिका यहां रोजाना बड़ी मात्रा में कूड़ा गिरा रही है. स्कूल के बच्चे और स्थानीय लोग बदबू से परेशान हैं और कूड़े की वजह से बच्चों के बीमार पड़ने का भी दावा किया गया है. ग्रामीण निहाल सिंह ने कहा कि हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं. उनका सवाल है कि आखिर ग्रामीण अपने घर छोड़कर कहां जाएं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया है. पूर्व में भी यहां कूड़ा गिरने को लेकर बवाल हुआ था, तो फिर कूड़ा गिरना बंद हो गया था, लेकिन फिर शुरू हो गया है.
नगर पालिका की जबरदस्ती
ग्रामीण युवा रवि प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर कूड़ा गिराया जा रहा है, वह बिल्कुल अवैध है और इसे चरागाह या गौशाला के लिए पास किया गया था, जिसका पूरा सबूत है. उनका दावा है कि प्रतिदिन कई डंपर कूड़ा यहां पहुंच रहा है और यह स्थान आबादी और स्कूल के केंद्र में है. यह गांव नगर पालिका के अंतर्गत नहीं आता है. जबरदस्ती यहां नगर पालिका कूड़ा गिरा रही है.
ग्रामीण बुजुर्ग गुलजार ने भोजपुरिया अंदाज में कहा कि गौशाला की जमीन मेरे द्वारा घेरी गई, इसमें अस्पताल, स्कूल या जो मन करे वह बनाया जाए, लेकिन बीमारी फैलाने के लिए कूड़ा न फेंका जाए.दवा करने के लिए घर-घर गाड़ी भेजी गई, लेकिन उसके ठीक बाद कूड़ा कबाड़ा फेंककर बीमारी को बढ़ावा दिया जा रहा है. घर में ये लोग चैन से बैठकर खाना नहीं खा पा रहे हैं, यह पूरा गांव मच्छर और मक्खी से त्रस्त है. कूड़ा यहां न गिरने के लिए कई बार इन लोगों ने विरोध किया पर अध्यक्ष और तमाम लोग नहीं सुन रहे हैं. नेताओं की नजर में जनता की कोई वैल्यू नहीं है. कूड़े की वजह से दवा खाते-खाते लोग मर जाएंगे. ग्रामीण
कूड़ा गिराने का विरोध जारी रखेंगे ग्रामीण
अवधेश कुमार चौहान ने कहा कि हवा चलने पर दुर्गंध पूरे इलाके में फैल जाती है और बच्चों व महिलाओं को परेशानी होती है. ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे यहां कूड़ा गिराने का विरोध जारी रखेंगे. अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर क्यों बलिया नगर पालिका वर्षों से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन समस्या खत्म होने के बजाय गंभीर हो रही है.
कब मिलेगी जनता को राहत?
जिले के बसंतपुर में करोड़ों की लागत से प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र को लेकर भी लोगों ने आरोप लगाए कि यहां भ्रष्टाचार हो रहा है, जो अब बेकार और बंद पड़ा है. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर बलिया में कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था कब होगी?. क्या इसी तरह से बलिया नगर पालिका कूड़ा लेकर भागता और फेंकता रहेगा. फिलहाल मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा पहुंचे, जिन्होंने लोगों को आश्वासन दिया है कि केवल आज भर कूड़ा गिरा लेने दीजिए, कल से यहां कूड़ा नहीं गिरेगा. आखिर ऐसा कब तक चलेगा. अब देखने वाली बात होगी कि इस जटिल समस्या से कब निजात मिलती है?
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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