Last Updated:
गोंडा: बच्चों के पोषण और बेहतर खानपान को लेकर जिले में महिलाओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है. दो दिवसीय प्रशिक्षण में मोटे अनाज और घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन तैयार करने के तरीके बताए जा रहे हैं. प्रशिक्षण के दूसरे दिन महिलाओं को इन व्यंजनों को खुद तैयार करने का प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में महिलाओं को पौष्टिक आहार तैयार करने का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को मोटे अनाज और घर में उपलब्ध सामग्री से पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी देना है. इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से बच्चों और उनके माता-पिता तक पौष्टिक आहार की जानकारी पहुंचाना भी है.
लोकल 18 से बातचीत में दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम की गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ममता त्रिपाठी ने बताया कि प्रशिक्षण में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पौष्टिक आहार तैयार करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं. इसमें खास तौर पर बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए सही आहार जरूरी है. इसलिए कार्यकत्रियों को जानकारी दी जा रही है कि घर में आसानी से उपलब्ध अनाज और अन्य खाद्य सामग्री से बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन कैसे तैयार किया जा सकता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
डॉ. ममता त्रिपाठी के अनुसार, यह प्रशिक्षण दो दिनों का है. पहले दिन महिलाओं को पौष्टिक आहार से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी. उन्हें बताया जाएगा कि अलग-अलग अनाज में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं और बच्चों के लिए भोजन तैयार करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रैक्टिकल कराया जाएगा. इसमें अलग-अलग तरह के पौष्टिक आहार बनाकर दिखाए जाएंगे. इसके साथ ही प्रशिक्षण लेने वाली महिलाएं खुद भी इन खाद्य पदार्थों को तैयार करेंगी. इससे उन्हें भोजन बनाने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और वे अपने घर तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी इस जानकारी का इस्तेमाल कर सकेंगी.
प्रशिक्षण में मोटे अनाज के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. महिलाओं को बताया जाएगा कि मोटे अनाज से कई तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं. इन अनाजों को बच्चों के भोजन में शामिल करने के अलग-अलग तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी. डॉ. ममता त्रिपाठी ने बताया कि पोहा से भी कई प्रकार के पौष्टिक आहार बनाए जा सकते हैं. इसी तरह मोटे अनाज और घर में उपलब्ध अन्य सामग्री का इस्तेमाल करके बच्चों के लिए अलग-अलग व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं. इससे भोजन में विविधता आएगी और बच्चों को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद मिलेगी.
प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए उपयुक्त आहार के बारे में भी जानकारी दी जा रही है. महिलाओं को बताया जा रहा है कि बच्चों को ऐसा भोजन देना चाहिए, जिसमें उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार जरूरी पोषक तत्व शामिल हों. बच्चों के अच्छे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार महत्वपूर्ण है. पौष्टिक भोजन बच्चों की वृद्धि, सीखने और रोजमर्रा की गतिविधियों में मदद करता है. इसलिए अभिभावकों को भी बच्चों के खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है.

