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नए वेब शो ‘सास, बहू और भूत’ की कहानी एक अनोखा हॉरर-कॉमेडी ड्रामा, जिसमें एक वीरान बंगले में 40 सालों से बोतल में कैद भूत आजाद होता है. भूत सात साल तक गुलाम रहने का वादा करता है, मगर झगड़ालू सास और हाजिरजवाब बहू के कलेश को देखकर वह खुद दहशत में आ जाता है. सास-बहू के तानों से त्रस्त होकर भूत डर के मारे छिपने को मजबूर हो जाता है. शो में पुलिस इंस्पेक्टर और तांत्रिक की एंट्री से कॉमेडी का तड़का लगता है.
यूड्यूब पर छाया हुआ है हॉरर-कॉमेडी शो
नई दिल्ली: साल 1976…धूल और मकड़ी के जालों से ढका एक पुराना वीरान बंगला- ‘दीमक धाम’. इस बंगले के एक अंधेरे कोने में रखी थी लाल रंग की आकर्षक कांच की बोतल, जिसमें पिछले 40 सालों से एक लाचार भूत कैद था. वह दिन-रात बोतल के अंदर छटपटाता और दुहाई देता कि जो भी उसे आजाद करेगा, वह अगले सात सालों तक उसकी गुलामी करेगा. लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था. जब तक कि उस हवेली में ‘साल्गांवकर’ परिवार ने कदम नहीं रखा!
इस परिवार में कुल चार लोग थे—अपनी तीखी जुबान के लिए मशहूर टिपिकल सास, हर बात का बेबाकी से जवाब देने वाली हाजिरजवाब बहू, सीधे-साधे ससुर और बीच में पिसता बेटा. साथ में था घर का पुराना नौकर. घर में कदम रखते ही सास-बहू के बीच नोक-झोंक के पटाखे फूटने लगे. तभी सास और बहू की नजर कोने वाले एक रहस्यमयी कमरे पर पड़ी, जिस पर भारी ताला जड़ा था. नौकर ने बार-बार चेताया, ‘मालिक ने इस कमरे को खोलने से सख्त मना किया है!’ लेकिन चालाक सास और शातिर बहू के आगे किसकी चली है? किसी तरह चाभी हथियाकर दोनों कमरे में घुस गईं. कबाड़ के बीच रखी लाल बोतल देखते ही दोनों की नीयत फिसल गई. ‘यह मेरी है!’ ‘नहीं, मैं लूंगी!’ की छीना-झपटी में बोतल जमीन पर गिरी और छन्न से टूट गई.
सास-बहू के बीच पिसा भूत
धुएं के गुबार के साथ 40 साल पुराना भूत आजाद हो गया! अपनी आजादी की खुशी में भूत ने सीना ठोककर अपना वादा याद दिलाया- ‘मैं सात सालों तक आप दोनों का गुलाम हूं!’ लेकिन बेचारे भूत को क्या पता था कि जिस आजादी का जश्न वह मना रहा है, वह असल में उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने वाली है! अगले ही पल से घर में सास-बहू का असली कलेश शुरू हो गया. ताने, बर्तन पटकने की आवाजें और बात-बात पर होने वाला क्लेश देखकर भूत की हवा टाइट हो गई. जो भूत इंसानों को डराता था, वह खुद सास-बहू के अत्याचारों से थर-थर कांपने लगा! कभी वह डर के मारे सोफे के पीछे दुबकता तो कभी फ्रिज के ऊपर चढ़कर जान बचाता नजर आता.
हॉरर के साथ कॉमेडी का लगा तड़का
ससुर, बेटा और नौकर इस अतरंगी खिचड़ी में घी का तड़का लगाते रहे. जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो मामले को संभालने के लिए कड़क पुलिस इंस्पेक्टर सौदामिनी और एक अतरंगी तांत्रिक की भी एंट्री हुई, जिसने डर के माहौल को भी हंसी के ठहाकों में बदल दिया. यही अनोखी और मजेदार कहानी है वेब शो ‘सास, बहू और भूत’ की, जो आरडीसी टीवी चैनल (RDC TV Channel (YouTube) पर रोज शाम 7 बजे प्रसारित हो रहा है. निर्देशक संकेत श्रीरंग चक्रवर्ती और निर्माता राजेश रणशिंगे ने हॉरर के घिसे-पिटे फॉर्मूले को उलटकर ऐसा फैमिली ड्रामा रचा है, जहां भूत डराता नहीं, बल्कि खुद इंसानों के कलेश से खौफ खाता है. परन गाला और प्राची घिल्डियाल की सास-बहू वाली केमिस्ट्री और पंकज उपाध्याय का डरा हुआ भूत वाला अंदाज इस 20-25 मिनट के शो को रोज शाम का एक परफेक्ट लाइट-हार्टेड एंटरटेनमेंट बनाते हैं!
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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