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Sonbhadra। जुगैल थाना क्षेत्र के गोठानी निवासी 24 वर्षीय हिमांशु मिश्रा पुत्र सुरेंद्र मिश्रा का छह दिन तक लापता रहने के बाद ओबरा डैम से शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जुगैल थाने के हल्का दरोगा समेत पाटीदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
मृतक के पिता सुरेंद्र मिश्रा के अनुसार, हिमांशु 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब आठ बजे घर से चोपन जाने की बात कहकर निकला था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो जुगैल थाने में गुमशुदगी की सूचना दी गई।
करीब छह दिन बाद एक अक्टूबर को हिमांशु का शव ओबरा डैम से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने हिमांशु की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है।

मृतक के पिता सुरेंद्र मिश्रा ने पुराने पारिवारिक विवाद का हवाला देते हुए अपने पाटीदारों और जुगैल थाने के हल्का दरोगा विपिन बिहारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुराने विवाद के चलते हिमांशु को कथित तौर पर अगवा कर प्रताड़ित किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव डैम में फेंक दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, मृतक के बड़े पिता गोठानी निवासी बिजेंद्र मिश्रा ने भी परिवार के पुराने विवाद का जिक्र किया। उनके मुताबिक, पुराने एक मामले में परिवार की पुत्री आरती को करीब 25 माह जेल में रहना पड़ा था। इसी मामले की पुनर्विवेचना के लिए हिमांशु ने पुलिस अधीक्षक को पत्र दिया था। परिजनों का दावा है कि एसपी से शिकायत के बाद मामले की दोबारा विवेचना शुरू हुई।
परिजनों का आरोप है कि विवेचना दोबारा शुरू होने के बाद हल्का दरोगा विपिन बिहारी हिमांशु से नाराज थे और उस पर मिलने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का यह भी दावा है कि विवेचना के सिलसिले में हिमांशु को बार-बार बुलाया जाता था। इसी आधार पर परिजनों ने दरोगा की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पुलिस ने परिजनों के आरोपों से अलग पक्ष रखा है। सीओ प्रभात राय का कहना है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारी ने दरोगा विपिन बिहारी द्वारा हिमांशु पर दबाव बनाने और उसे बार-बार बुलाए जाने के आरोपों से असहमति जताई। अधिकारी के अनुसार, ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज है और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही हिमांशु की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।