Last Updated:
Jowar halwa recipe : गाजीपुर की गीतांजलि ने ज्वार के आटे से हलवा बनाती हैं. इसमें गुड़ और काजू-किशमिश मिलाया जाता है. राष्ट्रीय पोषण माह में सामने आई इस अनोखी रेसिपी ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि मोटे अनाजों के फायदों को भी एक नए रूप में सामने लाई है. लोकल 18 से गीतांजलि बताती हैं कि सबसे पहले ज्वार के आटे को साफ किया जाता है. इसके बाद कढ़ाई में शुद्ध घी डालकर उसे अच्छी तरह भूना जाता है. जब आटा भूनकर गर्म हो जाता है, तो उसमें गुड़ का घोल, ऊपर से घी और भुने हुए ड्राई फ्रूट्स मिला दिए जाते हैं.
गाजीपुर. यूपी के गाजीपुर के शेरपुर गांव की रहने वाली गीतांजलि राय ने ज्वार के आटे से एक अनूठा और पौष्टिक व्यंजन तैयार किया है. राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सामने आई इस अनोखी रेसिपी ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि मोटे अनाजों के फायदों को भी एक नए रूप में सामने लाया है. लोकल 18 से गीतांजलि बताती हैं कि उन्हें यह बेहतरीन आइडिया गृह विज्ञान की प्रोफेसर नेहा मैम ने दिया था. गीतांजलि ने इसे बनाने की पूरी विधि साझा की. वे कहती हैं कि सबसे पहले बाजार से ज्वार का आटा लाकर उसे साफ किया जाता है. इसके बाद कढ़ाई में शुद्ध घी डालकर आटे को अच्छी तरह भूना जाता है. फिर अलग से ड्राई फ्रूट्स को भी भूना जाता है. इसके बाद गुड़ को पानी में घोलकर साफ किया जाता है. जब आटा भूनकर गर्म हो जाता है, तो उसमें गुड़ का घोल, ऊपर से घी और भुने हुए ड्राई फ्रूट्स मिला दिए जाते हैं. अगर एक किलोग्राम ज्वार का आटा लिया जाए, तो उसमें आधा किलोग्राम गुड़ और 50-50 ग्राम काजू और किशमिश का इस्तेमाल किया जाता है. इस रेसिपी में चीनी का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं होता.
कितनी ऊर्जा
गीतांजलि की सहयोगी वंदना यादव कहती हैं कि इस व्यंजन में लगभग 380 कैलोरी ऊर्जा मिलती है. 8 ग्राम प्रोटीन, 9 ग्राम वसा (फैट) और 4 से 5 ग्राम फाइबर होता है. ज्वार में भरपूर मात्रा में फाइबर और मैग्नीशियम पाया जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें चीनी न होने के कारण डायबिटीज (शुगर) के मरीज भी इसे डॉक्टर की सलाह से बेझिझक खा सकते हैं.
क्यों किया ऐसा
गीतांजलि का मानना है कि लोगों का रुझान धीरे-धीरे मोटे अनाजों (श्री अन्न) की तरफ से कम होता गया है. इसी सोच को बदलने के लिए उन्होंने यह प्रयास किया है. उनका उद्देश्य है कि अगर मोटे अनाजों से ऐसी स्वादिष्ट और पौष्टिक रेसिपी बनाई जाए, तो लोगों को स्वाद के साथ-साथ भरपूर पोषण भी मिलेगा. लोग इस व्यंजन को इतना पसंद कर रहे हैं कि एक बार चखने के बाद वे इसकी दोबारा डिमांड कर रहे हैं.
About the Author

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
और पढ़ें


