सलखन संवाददाता@बद्रीप्रसाद…

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ओर से सोमवार को पटवध स्थित जिला कार्यालय पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती मनाई गई। जिला सचिव आरके शर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह के विचारों और उनके संघर्ष को याद करते हुए जनहित, लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

जयंती कार्यक्रम के बाद भाकपा कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से निकलकर वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर पहुंचे और चुनावी व्यवस्था एवं मतदाता सूची को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” और “ज्ञानेश कुमार को जेल भेजो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार और मतदान के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की किसी भी शिकायत पर पारदर्शी तरीके से जांच और समाधान होना चाहिए। निर्वाचन आयोग मतदाता सूची से संबंधित सेवाओं और शिकायतों के लिए आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध कराता है।

वक्ताओं ने बताया कि दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर संयुक्त वाम दलों की ओर से सद्भावना दिवस मनाया जाएगा। इसी क्रम में राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता कामरेड राजेंद्र प्रसाद ने की, जबकि संचालन पार्टी के जिला सह सचिव कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान आरके शर्मा, देव कुमार विश्वकर्मा, राजेंद्र प्रसाद, अमरनाथ, बसावन गुप्ता, अमरनाथ बिंद, चंदन प्रसाद, नागेंद्र कुमार, प्रेमचंद, गुलाब निडर, जगबंधन गोंड, रामविलास कोल, लक्ष्मण भुइयां, मंगरी देवी, फुलमती और मोहम्मद मुस्तफा समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।