नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्वालीफिकेशन राउंड में तीसरा थ्रो नहीं किया। जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह और रोहित यादव भी मेडल के दावेदार हैं। तीनों ने पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट के फाइनल में जगह बनाई है।
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के साथ दो अन्य भारतीय गुरुवार को यहां कॉमनवेल्थ गेम्स में क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष 12 में जगह बनाकर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए। चोपड़ा ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में पदार्पण करते हुए भाला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता था। वह बृहस्पतिवार को क्वालीफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे जबकि रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) क्रमशः नौवें और 10वें स्थान पर रहे। इससे इस स्पर्धा में हिस्सा लेने वाला पूरा भारतीय दल पदक दौर में पहुंचा। प्रत्येक राउंड में आखिरी थ्रोअर रहने वाले चोपड़ा ने अपना तीसरा और आखिरी प्रयास नहीं किया क्योंकि तब तक वह पदक दौर में जगह बना चुके थे।
श्रीलंकाई एथलीट को पहला स्थान
क्वालीफिकेशन राउंड के दौरान परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिसमें लगातार सामने से तेज हवा चल रही थी और तापमान 18 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था। 18 प्रतिभागियों में से कोई भी 84 मीटर के स्वत: क्वालीफिकेशन मानक को पार नहीं कर सका। इसके चलते शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने शुक्रवार को होने वाले फाइनल दौर के लिए क्वालीफाई किया। केवल चार प्रतिभागी ही 80 मीटर दूर भाला फेंक पाए। इस सत्र में दोहा और रोम डायमंड लीग जीतने वाले शानदार फॉर्म में चल रहे श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने पहले ही प्रयास में 82.84 मीटर का थ्रो कर क्वालीफिकेशन राउंड में पहला स्थान हासिल किया। पिछले चरण के रजत पदक विजेता ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 81.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम (78.63 मीटर) ने सातवें स्थान पर और मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एंव टोबैगो के केशोर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर) ने 11वें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया।
चोपड़ा का पहला प्रयास 76.28 मीटर
कीनिया के जूलियस येगो ने 2014 चरण में स्वर्ण और 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक जीता था। वह 74.50 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 13वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। ग्लास्गो के ठंडे मौसम में ‘बीनी’ (ऊनी टोपी) पहने नजर आए चोपड़ा को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में दर्शकों से सबसे ज्यादा तालियां मिलीं। हालांकि कठिन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने संयमित रणनीति अपनाई। पूर्व विश्व चैंपियन चोपड़ा ने अपने पहले प्रयास में 76.28 मीटर का थ्रो किया जिससे वह पहले दौर के बाद छठे स्थान पर रहे। दूसरे प्रयास में उन्होंने 79.61 मीटर का थ्रो कर पांचवें स्थान पर जगह बना ली। इसके बाद उन्होंने अपना तीसरा और अंतिम प्रयास नहीं किया।
यशवीर का बेस्ट थ्रो 78.36 मीटर
यशवीर का इस सत्र और करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.72 मीटर है और उन्होंने भी प्रतियोगिता के दौरान लगातार सुधार किया। 24 वर्षीय खिलाड़ी ने पहले प्रयास में 73.89 मीटर, दूसरे में 74.45 मीटर और अंतिम प्रयास में 78.36 मीटर का थ्रो कर फाइनल के लिए क्वालीफिकेशन सुनिश्चित किया। रोहित का इस सत्र और करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87.05 मीटर है। उन्होंने पहले प्रयास में 77.04 मीटर और दूसरे प्रयास में 78.37 मीटर का थ्रो किया। उन्होंने भी अपना अंतिम प्रयास नहीं किया। चोपड़ा पिछले वर्ष सितंबर से परेशान कर रही कमर के निचले हिस्से की चोट से उबरकर लौटे हैं। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग से प्रतिस्पर्धी वापसी की, जहां उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।






