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8th Pay Commission: केंद्र सरकार के प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के टर्म्स ऑफ रिफरेंस में पेंशनर्स का स्पष्ट उल्लेख न होने से देश भर के करीब 69 लाख पेंशनर्स में भारी आक्रोश है. अपनी अनदेखी से नाराज पेंशनर्स ने 29 सितंबर को पूरे देश में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. प्रयागराज सहित देश के सभी हिस्सों में केंद्र और राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी एकजुट होकर आवाज उठाएंगे. नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर यह बड़ा आंदोलन किया जा रहा है, जिसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
8वें वेतन आयोग में टर्म्स ऑफ रिफरेंस में पेंशनर्स का जिक्र न होने नाराज लाखों बुजुर्ग करेंगे विरोध प्रदर्शन. (एआई की मदद से इमेज तैयार की गई है)
प्रयागराज: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेंस में पेंशनरों के लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या उल्लेख नहीं किया गया है. इस बात ने देश भर के 69 लाख से अधिक पेंशनर्स की चिंताएं बढ़ा दी हैं. अपनी मांगों और पेंशन से जुड़ी समस्याओं की अनदेखी से नाराज बुजुर्ग पेंशनर्स ने अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है.
अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 29 सितंबर को पूरे देश में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा. नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन (NCCPA) और अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन ने इस देशव्यापी आंदोलन का संयुक्त रूप से आह्वान किया है. संगम नगरी प्रयागराज में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा, जहां बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी एकत्रित होकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.
पीएम और मुख्यमंत्रियों को सौंपा जाएगा ज्ञापन
इस आंदोलन में केंद्र और राज्य दोनों के पेंशनर्स एसोसिएशन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. विरोध प्रदर्शन और सभाओं के आयोजन के साथ-साथ, पेंशनर्स का एक प्रतिनिधिमंडल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपेगा.
पेंशनर्स की मुख्य मांग है कि आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेंस में उनके अधिकारों, भत्तों और पेंशन रिविजन को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में उनके हितों की अनदेखी न हो. बुजुर्ग कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में खपा दिया है, ऐसे में वेतन आयोग में उनका जिक्र न होना उनके साथ सीधा अन्याय है. अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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