मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति सोनभद्र के संरक्षक विनय मौर्य के नेतृत्व में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों ने रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। पिछले तीन सप्ताह से प्रत्येक रविवार को क्रमिक प्रदर्शन के माध्यम से अनुदेशक शासन से अपने अधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग कर रहे हैं।

समिति के विनय मौर्य ने कहा कि प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षक पिछले 14 वर्षों से अपने विधिक एवं मौलिक अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों की मांग लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। उनके अनुसार, 4 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 46 पेज के निर्णय में अनुदेशक शिक्षकों को नियमित शिक्षक मानते हुए बकाया एरियर, शिक्षकों के समान वेतन और अन्य सुविधाएं दिए जाने का आदेश दिया है।

विनय मौर्य ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इस निर्णय के अनुपालन के लिए अभी तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दाखिल रिव्यू पिटिशन भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है। इसके बावजूद आदेश लागू न होने से अनुदेशकों में निराशा और आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक अब महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए सत्य, अहिंसा और संवैधानिक मार्ग पर चलते हुए अपनी मांगों को सरकार और आमजन तक पहुंचा रहे हैं।

प्रदर्शन में महेश सिंह, राजकुमार, गुंजा चौरसिया, सरिता त्रिपाठी, सौरभ पांडे, विमला देवी, आशुतोष गहरवार, प्रदीप यादव, बबीता सिंह, जय प्रकाश, शिवांकर त्रिपाठी, चंद्रमणि यादव, अरुण कुमार वर्मा समेत बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।
