संवाददाता@विशाल टंडन……

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा सोनभद्र के पदाधिकारियों और सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष फारुख अली जिलानी के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और मामले का निष्पक्ष एवं विधिसम्मत समाधान कराने की मांग की।
जिलाध्यक्ष फारुख अली जिलानी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त किए जाने का मामला हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के भविष्य से जुड़ा है। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई में संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए।
यदि निर्माण के नक्शे अथवा भूमि से संबंधित कोई विवाद है तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो। हिदायतुल्ला खां ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को बच्चों को बेहतर शिक्षा और युवाओं का उज्ज्वल भविष्य बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था, लेकिन राजनीतिक द्वेष के कारण संस्थान के भवनों को ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश सचिव मुस्तफा रजा ने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में था और पंचायत राज अधिनियम के तहत निर्माण की अनुमति आवश्यक नहीं थी। जिला उपाध्यक्ष जुनैद अंसारी ने कहा कि निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा रामपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में भी शामिल नहीं था। 27 सितंबर 2024 को 62 नए राजस्व ग्रामों को रामपुर विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया, जिसमें सींगनखेड़ा भी शामिल हुआ।
ऐसे में विश्वविद्यालय का निर्माण इससे पूर्व पूरा हो चुका था। प्रतिनिधिमंडल ने 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश निरस्त करने की मांग की। इस दौरान प्रदेश सचिव नजमुद्दीन इद्रीशी, खुर्शीद आलम, विपिन कश्यप, इकराम अंसारी, राशिद, शाहिद, असलम खां, सैफ रजा, सेराज अहमद, रिजवान अहमद, नूर मोहम्मद और नगर अध्यक्ष सरदार परब्रह्म सिंह मौजूद रहे।






