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स्थानीय निवासी अपूर्व पाठक ने कहा कि NSG हब का फायदा सिर्फ अयोध्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वांचल के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को भी इससे मजबूती मिल सकती है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के साथ अयोध्या में कई महत्वपूर्ण मंदिर हैं, इसलिए यहां NSG हब की स्थापना का प्रस्ताव स्वागत योग्य है.
अयोध्या: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही अयोध्या दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी है. यहां लगातार बढ़ रही वीआईपी (VIP) मूवमेंट और अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनगरी की सुरक्षा को और चाक-चौबंद करने का मास्टरप्लान तैयार कर लिया है. अयोध्या में जल्द ही ब्लैक कैट कमांडोज यानी राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का एक नया रीजनल हब स्थापित किया जाएगा, जिससे परिंदा भी यहां पर नहीं मार सकेगा.
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में NSG हब के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है. इसके तहत मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लालखां में करीब 26 हेक्टेयर (लगभग 65 एकड़) बंजर भूमि को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा. इससे पहले अयोध्या कैंट क्षेत्र के मीरनघाट में भी करीब 8 एकड़ नजूल भूमि NSG सेंटर के लिए दी जा चुकी है, जहां निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. अब इस नई जमीन के मिलने से अयोध्या में NSG का दायरा और बड़ा हो जाएगा.
NSG हब बनने से क्या होगा फायदा?
अयोध्या में NSG का रीजनल हब बनने से यहां दुनिया के सबसे घातक कमांडोज और अत्याधुनिक सुरक्षा संसाधनों की एनी-टाइम (Anytime) मौजूदगी रहेगी. इससे किसी भी गंभीर सुरक्षा चुनौती या आतंकी खतरे की स्थिति में ‘क्विक रिस्पॉन्स’ (त्वरित प्रतिक्रिया) क्षमता मजबूत होगी. किसी भी आपात स्थिति में कमांडोज चंद मिनटों में मोर्चा संभाल लेंगे. इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर आसपास के संवेदनशील जिलों और पूरे पूर्वांचल में भी NSG की पहुंच आसान और प्रभावी हो जाएगी.
स्थानीय लोगों ने फैसले का किया जोरदार स्वागत
राम मंदिर और मठ-मंदिरों की सुरक्षा को लेकर अयोध्यावासियों में हमेशा से चिंता रहती थी, जो अब NSG की तैनाती से दूर हो जाएगी. स्थानीय निवासियों ने सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है. स्थानीय निवासी अनूप और रूपेश का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से अयोध्या बेहद संवेदनशील है, ऐसे में NSG हब बनने से रामनगरी अभेद्य हो जाएगी और आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी. वहीं, अपूर्व पाठक ने बताया कि इसका सीधा फायदा सिर्फ अयोध्या को ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को भी मिलेगा.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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