CJP Sansad March Protest: शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर संसद मार्च के दौरान सोमवार को लाठीचार्ज और आंसू गैस का निशाना बने लोगों ने रात में मौके से लौट रही पुलिस फोर्स को तालियां बजाकर विदा किया।
Sansad March Protest: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अपील पर संसद मार्च के लिए बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने दिन भर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रहार झेलने के बाद रात में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मौके से विदा किया। संसद मार्च के लिए छात्र-छात्राओं और नौजवानों का हुजूम दिल्ली और दूसरे राज्यों से दिल्ली आया है, जिसमें ज्यादातर लोग पढ़ाई-लिखाई, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे पर बात करते दिखे। पेपर लीक के बाद मई 2026 में मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए आयोजित नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। आंदोलनकारी इसके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं।
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की तरफ अलग-अलग रास्तों से बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने संसद के ठीक सामने वाले गोलंबर तक पहुंचने में कामयाबी हासिल कर ली, जहां आंसू गैस की फायरिंग के साथ लाठीचार्ज के द्वारा उनको पीछे खदेड़ा गया। संसद के आस-पास की कई सड़कों पर दिन भर लाठियां और टियर गैस चलने के वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार आ रहे थे। सरकार ने दिन में सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया था और भरोसा दिया है कि उनकी मांगों पर सरकार के अंदर विचार किया जाएगा। शाम में पुलिस ने जंतर-मंतर पर बना वह मंच हटा दिया था, जहां शनिवार तक सोनम वांगचुक अनशन कर रहे थे। पुलिस ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा रखा है। रात में जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारी दोबारा जुट गए और प्रदर्शन जारी रखा।
इसी इलाके में रात में प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच से गुजर रहे दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों के लिए दिन भर उनके निशाने पर रहे लोगों द्वारा तालियां बजाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो की शुरुआत में एक आदमी यह कहते सुना जा सकता है- ‘तालियां इसलिए बजाई जा रही हैं क्योंकि मार-पिटाई करके, अपना काम करके जा रहे हैं।’ लाठी खा चुके कई छात्र-छात्राओं के इंटरव्यू सोशल मीडिया पर हैं, जिसमें वो शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर जबर्दस्त पिटाई और आंसू गैस छोड़ने की शिकायत कर रहे हैं। पुलिस वालों के लिए तालियां बजाना भी उस शिकायत को जाहिर करने का एक तरीका नजर आता है।
लाठीचार्ज में घायल प्रदर्शनकारियों की संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन उनकी संख्या 60 के करीब बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों के पथराव में स्पेशल सीपी समेत 118 से ज्यादा पुलिस वाले घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है। पुलिस का दावा है कि मना करने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर जाने की कोशिश में सुरक्षा घेड़ा तोड़ा और पुलिस पर जानलेवा हमला किया। पुलिस ने कहा है कि 15-20 वाहन को तोड़ा गया है। पुलिस दंगा भड़काने, सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान, सरकारी कर्मचारियों पर हमला और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज करने जा रही है।







