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क्या आपने कभी ऐसी अंगूठी की कल्पना की है जिसमें 50 हजार से ज्यादा हीरे जड़े हों? अगर नहीं, तो उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक ऐसी ही अंगूठी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. ‘यूटोरिया’ नाम की इस अनोखी अंगूठी में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 50,960 हीरे जड़े गए हैं. प्रकृति से प्रेरित इस अंगूठी का मनमोहक डिजाइन सूरजमुखी और तितली का है. अपनी इसी अद्वितीय खासियत के चलते इसका नाम साल 2024 के गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है.
51 हजार हीरों से जड़ी अंगूठी.
मेरठ: आभूषणों का शौक रखने वालों के लिए उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है. आम तौर पर एक अंगूठी में चंद हीरे ही जड़े होते हैं, लेकिन मेरठ में एक ऐसी अंगूठी मौजूद है जिसमें करीब 51,000 हीरे जड़े गए हैं. इस नायाब अंगूठी को देखकर हर कोई सन्न है और यह पूरे शहर में कौतूहल का विषय बनी हुई है. इस अद्भुत रचना ने अपनी कारीगरी के दम पर गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज करा लिया है.
इस खास अंगूठी का नाम ‘यूटोरिया’ (Eutierria) रखा गया है, जो पूरी तरह से प्रकृति से प्रेरित (नेचर इंस्पायर्ड) है. इस अंगूठी को सूरजमुखी (Sunflower) के फूल का आकार दिया गया है, जिसके ठीक ऊपर एक खूबसूरत तितली बैठी हुई दिखाई देती है. इस अंगूठी को तैयार करने में पूरे 50,960 असली डायमंड्स का बारीकी से इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही, इसे बनाने में साढ़े चार सौ (450) ग्राम से अधिक सोने (Gold) का उपयोग भी हुआ है.
बिक्री के लिए नहीं है यह अंगूठी
आपको जानकर हैरानी होगी कि इतनी बेशकीमती अंगूठी बिक्री (Sale) के लिए नहीं बनाई गई है. कारोबारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से प्रेरित होकर इसे तैयार किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘भारत की ज्वैलरी डिजाइन को ग्लोबल लेवल पर लेकर जाएं’. यह अंगूठी भारतीय कारीगरों की बेहतरीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का एक विश्वस्तरीय नमूना है, जिसे बनाने में टीम को 40 दिन का समय लगा.
35 देशों में होता है एक्सपोर्ट
अंगूठी बनाने वाले कारोबारी पराग शाह बताते हैं कि जो भी इस अंगूठी को एक बार देखता या पहनता है, वह इस पल को जिंदगी भर नहीं भूल पाता. साल 2024 में इसे गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया. वे बताते हैं कि भारत की यह शानदार मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अब दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है और उनके यहां से 35 से ज्यादा देशों में ज्वैलरी एक्सपोर्ट की जाती है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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