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आजमगढ़ के अहिरौला (एरोला) में पत्नी, बेटा और दो पंडितों की हत्या करने वाले शख्स की बेटियों के लिए पुलिस आगे आई है. इस हत्याकांड के आरोपी अरविंद कुमार सिंह की बेसहारा हुई बेटियों की जिम्मेदारी खुद आजमगढ़ के एसपी डॉ. अनिल कुमार ने ले ली है. एसपी ने बच्चियों को गोद लेते हुए अपनी एक महीने की पूरी सैलरी और जिले के 5000 पुलिसकर्मियों की एक दिन की तनख्वाह उनके भविष्य के लिए एफडी (FD) के रूप में जमा करने का ऐलान किया है. साथ ही 18 साल तक उनकी शिक्षा का पूरा खर्च भी पुलिस और प्रशासन उठाएगा.
आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी की बेटियों के खर्च का जिम्मा उठाएंगे एसपी.
आजमगढ़: आजमगढ़ में पत्नी-बेटे और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या करने वाले शख्स को जेल भेज दिया गया है. अब उसकी आनाथ बेटियों का भविष्य अंधकारमय हो गया था. तभी उनके पिता को कड़ी सजा दिलाने वाली पुलिस फरिश्ता बनकर आई है. अहिरौला (एरोला) इलाके में हुई हत्याकांड के बाद पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने आमजन मानस को भावुक कर दिया है. आजमगढ़ के एसपी डॉ. अनिल कुमार ने दोनों बेटियों को गोद लेकर 18 वर्ष की उम्र तक पढ़ाने का फैसला लिया है. वहीं, जिले के 5000 हजार कर्मियों के एक दिन की सैलरी का एफडी कराने का भी फैसला किया गया है.
घटना के बाद आरोपी अरविंद कुमार सिंह की गिरफ्तारी से उसकी बेटियां पूरी तरह बेसहारा हो गई थीं. इस बात का संज्ञान लेते हुए एसपी डॉ. अनिल कुमार ने आरोपी की बेटियों को गोद लेने का मानवीय फैसला लिया. बच्चियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एसपी ने अपनी एक महीने की पूरी तनख्वाह दान कर दी है. इतना ही नहीं, आजमगढ़ पुलिस के लगभग 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने भी अपनी एक-एक दिन की तनख्वाह इन बच्चियों की मदद के लिए दी है.
दादी के नाम होगी एफडी, पढ़ाई के लिए हर महीने 5000 रुपये
पुलिसकर्मियों द्वारा इकट्ठा की गई यह पूरी धनराशि बच्चियों के सुरक्षित भविष्य के लिए उनके नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में बैंक में जमा कराई जाएगी. इस एफडी का मालिकाना हक बच्चियों की देखभाल कर रहीं उनकी दादी मां के पास होगा. इसके अतिरिक्त, बच्चियों की 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से हर माह ढाई-ढाई हजार रुपये (कुल 5000 रुपये) की विशेष व्यवस्था की जाएगी.
मृतक पुजारी के परिवार को भी आर्थिक सहायता
इस मानवीय पहल के साथ-साथ, प्रशासन ने घटना से जुड़े दूसरे पक्ष को भी राहत दी है. प्रशासन की ओर से मृतक पुजारी के परिवार को भी आर्थिक मदद के रूप में हर माह लगभग 8000 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके. एसपी डॉ. अनिल कुमार के इस कदम की पूरे जिले में जमकर तारीफ हो रही है. लोगों का कहना है कि पुलिस का काम सिर्फ अपराधियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि समाज के बेसहारा लोगों की रक्षा और मदद करना भी है, जिसे आजमगढ़ पुलिस ने बखूबी साबित कर दिया है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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