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Chitrakoot ki local news : चित्रकूट के दूरस्थ और पाठा के गांवों में रहने वाली महिलाओं को अब प्रसव के लिए 40 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल नहीं जाना होगा. जिले के 10 दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में प्रसव की सुविधा शुरू कर दी गई है. इन PHC में सरैया, मारकुंडी, इटवा डुडैला, रुकमा खुर्द, भौरी, टिकरा, सरधुआ, घुरेटनपुर, बरवारा और रसिन शामिल हैं. मारकुंडी निवासी मनोज द्विवेदी लोकल 18 से बताते हैं कि पहले गांव की महिलाओं को प्रसव के लिए मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ता था. रात के समय या प्रसव पीड़ा शुरू होने पर अस्पताल तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी.
चित्रकूट. बुंदेलखंड का चित्रकूट जिला स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है. जिले के दूरस्थ और पाठा क्षेत्र के गांवों में रहने वाली महिलाओं को अब प्रसव के लिए 30 से 40 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. चित्रकूट जिला प्रशासन की पहल के बाद अब जिले के 10 दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में प्रसव की सुविधा शुरू की गई है. इन केंद्रों पर अतिरिक्त स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव के आसपास ही स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. इन 10 दूरस्थ पीएचसी में पीएचसी सरैया, मारकुंडी, इटवा डुडैला, रुकमा खुर्द, भौरी, टिकरा, सरधुआ, घुरेटनपुर, बरवारा और रसिन शामिल हैं. इन स्वास्थ्य केंद्रों पर जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि के माध्यम से 24 अतिरिक्त स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है. पहले पाठा और जिले के दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को प्रसव के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था. रात के समय या प्रसव पीड़ा शुरू होने पर अस्पताल तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता था. स्थानीय पीएचसी पर प्रसव की सुविधा मिलने से समय पर उपचार मिलेगा. दूर नहीं जाना होगा.
‘दिन हो या रात, हमेशा दिक्कत’
मारकुंडी निवासी मनोज द्विवेदी लोकल 18 से बताते हैं कि पहले गांव की महिलाओं को प्रसव के लिए मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ता था. दिन हो या रात, प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिवार को लंबा सफर तय करना पड़ता था. कई बार अस्पताल पहुंचने में समय लग जाता था, जिससे परेशानी बढ़ जाती थी. अब मारकुंडी पीएचसी में महिला स्टाफ की तैनाती और प्रसव की सुविधा शुरू होने से ग्रामीणों को काफी राहत मिली है.
क्या बोले जिलाधिकारी
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग कहते हैं कि ग्रामीणों की मांग को देखते हुए दूरस्थ सीएचसी और पीएचसी स्तर पर प्रसव की सुविधा बढ़ाई जा रही है. 10 नए केंद्रों पर 24 अतिरिक्त स्टाफ नर्सों की तैनाती जिला खनिज फाउंडेशन निधि से की गई है. स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए ऊंचाडीह में भी तीन अतिरिक्त स्टाफ नर्सों के पद स्वीकृत किए गए हैं, ताकि जिले के अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को प्रसव की सुविधा उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराई जा सके. इससे दूरस्थ गांवों की गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और प्रसव के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या कम होगी.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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