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‘मिर्जापुर’ सीरीज पर बनी फिल्म की रिकॉर्डतोड़ सफलता के बीच ‘पंचायत’ को भी बड़े पर्दे पर लाने की चर्चाएं गर्म हैं. ‘पंचायत’ सीरीज पर मूवी बनाने को लेकर रघुबीर यादव ने अपनी बेबाक राय दी है. उनका मानना है कि फुलेरा की कहानी और बनराकस, मंजू देवी से लेकर सचिव जी जैसे किरदारों को महज तीन घंटे की फिल्म में समेटना नामुमकिन है. उन्होंने इसके पीछे की वजह का भी खुलासा किया है.
‘पंचायत’ सीरीज का 5वां सीजन जल्द आने वाला है. (फोटो साभार: IMDb)
नई दिल्ली. ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की शानदार सफलता के बाद अब कई लोकप्रिय वेब सीरीज को बड़े पर्दे पर लाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाली सीरीज ‘पंचायत’ को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं. चार सफल सीजन पूरे कर चुकी इस सीरीज के थिएटर वर्जन पर अब प्रधान जी यानी रघुबीर यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. उनका कहना है अगर ऐसा होता है तो वह जरूर उसमें काम करेंगे, लेकिन यह फैसला मेकर्स और राइटर का होगा.
वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में ‘पंचायत’ पर फिल्म बनाने के सवाल पर रघुबीर यादव ने स्पष्ट किया कि इसका पूरा फैसला सीरीज के राइटर्स और मेकर्स पर निर्भर करता है. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद कभी इस बात पर विचार ही नहीं किया कि इस शो को फिल्म का रूप दिया जाना चाहिए या नहीं. उनका मानना है कि किसी भी शो को सिनेमाघरों तक ले जाने का फैसला कहानी की मांग और राइटर्स की सोच के आधार पर ही होना चाहिए, न कि महज ट्रेंड को देखकर.
‘पंचायत’ पर फिल्म बनाने के सवाल पर क्या बोले रघुबीर यादव?
रघुबीर यादव ने कहा, ‘मुझे नहीं पता, यह सब राइटर पर निर्भर करता है. अगर फिल्म बनती है तो मैं कोई दखल नहीं दूंगा. सच कहूं तो मैंने कभी इस पर सोचा भी नहीं है कि फिल्म बननी चाहिए या नहीं. यह पूरी तरह से उनका विचार है और अगर यह बनती है तो मैं इसमें काम जरूर करूंगा.’
फिल्म बनाने पर कहानी के साथ नहीं होगा न्याय
मगर एक्टर का मानना है कि सीरीज को फिल्म में बदलना कहानी के साथ न्याय नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जब राइटर्स के पास कई और सीजन की योजना हो सकती है, तो इस पूरी दुनिया को एक फिल्म में समेटना जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने आगे कहा, ‘हो सकता है कि राइटर के दिमाग में आगे के कई सीजन चल रहे हों. फिर वो भला एक फिल्म बनाकर बाकी सीजन को क्यों बर्बाद करेंगे?’. रघुबीर यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि फुलेरा के हर किरदार की अपनी एक अलग गहराई और कहानी है, जिसे दो या तीन घंटे की फिल्म में समेट पाना बेहद मुश्किल होगा.
‘पंचायत’ को 3-4 घंटे की फिल्म में समेटना मुश्किल
अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा गांव-देहात के किरदारों को जीने वाले रघुबीर यादव ने अपने अनुभवों के आधार पर समझाया कि ‘पंचायत’ को फिल्म में बदलना कितना कठिन काम है. उन्होंने कहा, ‘मैं खुद गांव की जिंदगी को करीब से जी चुका हूं और अच्छी तरह जानता हूं कि उसे तीन-चार घंटे की फिल्म में समेटना बेहद मुश्किल है. अगर आप सीरीज के किसी भी किरदार को देखें, चाहे वो बनराकस हो, मंजू देवी हो या फिर सचिव, उनके लिए तीन घंटे का समय बहुत कम है.’
कब रिलीज होगा ‘पंचायत’ सीरीज का 5वां सीजन?
बता दें कि सुपरहिट सीरीज ‘पंचायत’ का सीजन 5 चौथे सीजन के उस बड़े मोड़ से आगे बढ़ेगा, जहां क्रांति देवी ने मंजू देवी को प्रधानी के चुनाव में हरा दिया था. नए और बदले की भावना से भरे नेतृत्व के बीच सचिव जी (जितेंद्र कुमार) को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. खबर है कि इस सीरीज का अगला सीजन इसी साल अक्टूबर से नवंबर के बीच अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो सकता है.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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