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नोएडा के इंटरनेशनल ट्रेड शो में मिर्ज़ापुर की कालीन और मिठाई का जलवा दिखेगा. 10 कालीन कारोबारी और 2 मिष्ठान्न कारोबारी हिस्सा लेंगे, जिससे उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी. इस ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कार्पेट, मेसर्स शबनूर कार्पेट्स, मेसर इस्तेखार कार्पेट, मेसर्स ब्रिजेश दरी व कार्पेट, मेसर्स परी हैंडिक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडिक्राफ्ट, मेसर्स नंदनी हैंडिक्राफ्ट, मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हॉल 9 और 10 में प्रदर्शन करेंगे.
मिर्जापुर: नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में मिर्ज़ापुर जिले की कालीन का जलजला दिखेगा. मिर्ज़ापुर जिले के 10 कालीन कारोबारी व दो मिष्ठान्न कारोबारी इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लेंगे और मिर्ज़ापुर की कालीन व मिठाई का प्रदर्शन करेंगे. इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार 86 देश के बॉयर आ रहे हैं. ऐसे में मिर्ज़ापुर जिले की कालीन को नई पहचान मिलेगी. मिर्ज़ापुर में तैयार होने वाली हस्तनिर्मित कालीन, दरी व अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को विदेशी बायर देखेंगे, जिससे नए खरीददार मिलेंगे और मिर्ज़ापुर की कालीन को वैश्विक मंच मिलेगा. इसके साथ ही मिर्ज़ापुर जिले की लाल पेड़ा और बालूशाही को भी नई पहचान मिलेगी.
10 कालीन कारोबारियों का हुआ चयन
उपायुक्त उद्योग संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो के लिए मिर्जापुर जिले के 10 कालीन कारोबारियों का चयन किया गया है. इस ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कार्पेट, मेसर्स शबनूर कार्पेट्स, मेसर इस्तेखार कार्पेट, मेसर्स ब्रिजेश दरी व कार्पेट, मेसर्स परी हैंडिक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडिक्राफ्ट, मेसर्स नंदनी हैंडिक्राफ्ट, मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हॉल 9 और 10 में प्रदर्शन करेंगे. इसके साथ ही मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हॉल नंबर 14 में और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हॉल नंबर 15 में अपने उत्पाद को प्रदर्शित करेंगे. ट्रेड शो का आयोजन 25 सितंबर से 29 सितंबर तक हो रहा है.
स्वाद का उठाएंगे आनंद
उपायुक्त ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद के तहत मिर्जापुर जिले के लाल पेड़ा और बालूशाही का चयन किया गया है. ऐसे में इंटरनेशनल ट्रेड शो में लाल पेड़ा और बालूशाही भी नज़र आएगा. इसके लिए ओम मिष्ठान भंडार और गुरु कृपा स्वीट्स का चयन किया गया है, जो हॉल नंबर 16 में अपने उत्पाद को प्रस्तुत करेंगे. ऐसे में ट्रेड शो में आने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को एक जिला और एक व्यंजन के तहत लाल पेड़ा का स्वाद चखाएंगे. इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मिर्जापुर जिले के हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों को एक नई पहचान मिलेगी.
हाथों से बनती है कालीन
मिर्ज़ापुर जिले के हस्तशिल्प कालीन की डिमांड देश ही नहीं बल्कि विदेशों में है. सबसे ज्यादा डिमांड अमेरिका में है, जिसके बाद गल्फ कंट्री में डिमांड है. मिर्ज़ापुर जिले के कालीन की डिमांड की सबसे प्रमुख वजह यह है कि यहाँ पर बनने वाली कालीन को हाथों से बनाया जाता है. हस्तनिर्मित होने की वजह से इनकी खूब डिमांड रहती है. मुगल काल से मिर्ज़ापुर जिले में कालीन बनती चली आ रही है, जहाँ वर्तमान समय भी कालीन का व्यापक स्तर पर कारोबार किया जाता है.
प्रसिद्ध है लाल पेड़ा
मिर्जापुर जिले का लाल पेड़ा भी बेहद मशहूर है. लाल पेड़ा को शिवपुर में बनाया जाता है. शिवपुर में बनने वाला लाल पेड़ा शुद्ध खोए से तैयार किया जाता है. शुद्ध खोए के साथ इसमें चीनी का प्रयोग किया जाता है. शुद्ध देशी तरीके से तैयार होने की वजह से लाल पेड़े का स्वाद बेहद ही लाजवाब होता है. ऐसे में कुछ दिनों पहले ही लाल पेड़े का चयन एक जिला एक व्यंजन के तहत किया गया था, जहां अब इंटरनेशनल ट्रेड शो में लाल पेड़े का स्वाद विदेशी मेहमान भी लाल पेड़े का स्वाद चखते हुए नजर आएंगे.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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