Last Updated:
आजमगढ़ में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बृजेश कुमार का कहना है कि शासन की प्राथमिकताओं और माननीय न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आजमगढ़ में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित करने की तैयारी की गई है. इसके लिए नगर पालिका की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को 1 करोड़ रुपये का विस्तृत वित्तीय प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि यह विषय न्यायालय के आदेशों से आच्छादित है और जनसुरक्षा का अहम मामला है, इसलिए इसी माह बजट जारी होने की पूरी संभावना है.
आजमगढ़: जनपद में आवारा और खूंखार कुत्तों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आ दिन लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है. स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में रोजाना डॉग बाइट के दर्जनों पीड़ित लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं, स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए सड़कों पर सुरक्षित निकलना चुनौती बन रहा है, इस गंभीर समस्या से राहत दिलाने और कुत्तों की आबादी को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के द्वारा कार्ययोजना तैयार की है.
एक करोड़ से बनेगा एबीसी सेंटर
इस विषय पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बृजेश कुमार का कहना है कि शासन की प्राथमिकताओं और माननीय न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आजमगढ़ में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित करने की तैयारी की गई है. इसके लिए नगर पालिका की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को 1 करोड़ रुपये का विस्तृत वित्तीय प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि यह विषय न्यायालय के आदेशों से आच्छादित है और जनसुरक्षा का अहम मामला है, इसलिए इसी माह बजट जारी होने की पूरी संभावना है. धनराशि आवंटित होते ही सेंटर के निर्माण और आवश्यक सुविधाओं की स्थापना का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा.
अलग अगल श्रेणी में रखे जाएंगे कुत्ते
नगर पालिका प्रशासन के द्वारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों के रोकथाम के लिए दो-स्तरीय रणनीति पर काम शुरू किया है. इसमें सबसे पहले नगर क्षेत्र में सघन सर्वे कराया जाएगा, इस सर्वे के जरिए यह चिह्नित किया जाएगा कि कौन से कुत्ते अत्यधिक आक्रामक हैं. काटने की प्रवृत्ति वाले हैं अथवा किसी गंभीर संक्रामक बीमारी से ग्रसित हैं. बीमार व आक्रामक कुत्तों को अलग श्रेणी में रखकर विशेष निगरानी की जाएगी ताकि आम लोगों को संक्रमण और जानलेवा हमलों से बचाया जा सके. वहीं दूसरी ओर सर्वे में सामान्य और स्वस्थ पाए गए कुत्तों को सुरक्षित पकड़कर उनका बंध्याकरण (नसबंदी) और टीकाकरण किया जाएगा. इस प्रक्रिया के सही ढंग से पूरा होने के बाद नियम अनुसार कुत्तों को उनके मूल स्थान पर छोड़ा जाएगा, ताकि नए कुत्तों का जमावड़ा न हो और प्रजनन दर नियंत्रित हो सके.
अन्य संगठनों का लिया जाएगा मदद
वही इस प्रक्रिया को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने के लिए नगर पालिका के द्वारा थर्ड पार्टी एजेंसियों गैर सरकारी संगठनों और इस क्षेत्र में काम करने वाले निजी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के आधार पर काम करने वाली संस्थाओं को शासन द्वारा निर्धारित धनराशि का भुगतान सीधे उनके खाते मैं डीबीटी के जरिए किया जाएगा. जिससे कार्य पारदर्शी तरीके से संभवहो सके. प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर इस योजना की सभी कागजी व प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी कर जमीनी स्तर पर इसे लागू किया जा सके. शासन से बजट की हरी झंडी मिलने के बाद नगर पालिका के द्वारा यह कार्य शुरू किया जाएगा.
About the Author

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
और पढ़ें
