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Azamgarh News: समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना का संचालन किया जा रहा है. आइए जानते हैं कि इसकी सहायता राशि क्या होगी.
आजमगढ़: शादी का सीजन शुरू हो रहा है. वहीं दूसरी ओर लोग शादियों की तैयारी में भी जुटे हुए हैं, लेकिन कई बार कुछ लोगों के लिए शादी का खर्च उठा पाना बेहद कठिन हो जाता है. आर्थिक तंगी के चलते लोग को अपनी बेटियों की शादी करना बेहद कठिन हो जाता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की शादी के लिए सहाय उपलब्ध कराई जाती है. समाज कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को यह सहायता दी जाती है. ऐसे में अगर आप भी अपनी बेटी या बेटे की शादी के खर्च को उठा पाने में असमर्थ हैं, तो सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना का संचालन किया जा रहा है. इस योजना के तहत निर्धन परिवारों को उनकी बेटी की शादी के लिए खर्च में मदद के लिए सरकार की तरफ से एक मुफ्त 20000 रुपए तक की सहायता दी जाती है. उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों के गरीब परिवारों को दिया जाता है. इसके तहत सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के पात्र परिवारों के लिए समाज कल्याण विभाग और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के द्वारा इस योजना का संचालन किया जा रहा है.
लड़के-लड़की की आयु तय
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी अभिभावक जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, वह अपनी पुत्री के विवाह के लिए व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना के तहत आवेदन करते हुए इसका लाभ उठा सकते हैं. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए सरकार की तरफ से कुछ पात्रता शर्तों भी निर्धारित किए गए हैं, जिसके तहत विवाह करने वाला और वधु दोनों की आयु सरकार द्वारा निर्धारित मानवों के अनुरूप होनी चाहिए. लड़की की आयु न्यूनतम 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए, जबकि लड़के की आयु 21 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए.
3 महीने पहले करना होगा आवेदन
वहीं इसके लिए शहरी क्षेत्र में में रहने वाले लोगों की वार्षिक आय 56460 रुपए से कम होनी चाहिए और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों की वार्षिक आय 46 हजार रुपए निर्धारित की गई है. इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए अभिभावक अपनी पुत्री की शादी की तारीख से 3 महीने पहले से लेकर शादी संपन्न होने के 3 महीने बाद तक योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. इसके तहत पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाता है. लाभार्थियों को यह धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. ऐसे में आवेदन करते समय बैंक संबंधी दस्तावेजों के साथ-साथ आय और जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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