संवाददाता@विजय अग्रहरी….
__आठ सूत्री मांगों पर कार्रवाई न होने से लेखपालों में आक्रोश, संघर्ष तेज करने की चेतावनी

आठ सूत्री मांगों पर एक माह बाद भी कार्रवाई न होने से लेखपालों का आक्रोश बढ़ गया है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की घोरावल तहसील इकाई के अध्यक्ष गोपेंद्र पांडेय के नेतृत्व में लेखपालों ने बैठक कर आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई। इसके तहत अतिरिक्त हलकों का कार्यभार छोड़ते हुए 25 हलकों का चार्ज आरके कार्यालय में जमा कर दिया गया। इन हलकों में करीब 131 गांव शामिल हैं। लेखपालों ने संबंधित गांवों के संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है।
तहसील अध्यक्ष गोपेंद्र पांडेय ने बताया कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण, चयन वर्ष 2024 के विभागीय परीक्षा परिणाम और प्रमाणपत्र जारी करने, भत्तों में वृद्धि, भूलेख व अन्य सहायक पटलों से लेखपालों को कार्यमुक्त करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा ग्राम सचिवालयों में बिना आधारभूत सुविधाओं और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लेखपालों के रोस्टर लगाए जाने का भी विरोध किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर पिछले माह तहसील दिवस में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था। अधिकारियों की ओर से एक माह के भीतर मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिला था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ के निर्णय के अनुसार प्रथम चरण में अतिरिक्त हलकों का चार्ज वापस किया गया है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अमित शुक्ल, जिलामंत्री चंद्रशेखर, राहुल कुमार, रवि, आदित्य, अजय विक्रम सिंह, गौरव, धीरज पटेल, अशोक जायसवाल, सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, सूरज, राजा मान सिंह, भगत सिंह, शिव कुमार और सुशील वैश्य आदि मौजूद रहे।