संवाददाता@मुकेश द्विवेदी……

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मधुपुर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद एक पक्ष के लोग अस्पताल में घुस गए और इलाज करा रहे घायल पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं अधीक्षक डॉ. अखिलेश पर भी हमलावरों ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। इस दौरान अस्पताल का रिकॉर्ड रजिस्टर भी फाड़ दिया गया और काफी देर तक अस्पताल की ओपीडी सेवा बाधित रही।
जानकारी के अनुसार रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भटौलिया गांव में खेत की मेड़ बांधने के लिए मिट्टी उठाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। मारपीट में दोनों पक्षों के छह लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मधुपुर लाया गया।

घटना की सूचना मिलने पर पीआरबी पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर तीन गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कराया। आरोप है कि पुलिस के वहां से लौटने के कुछ ही देर बाद एक पक्ष के कई लोग अस्पताल पहुंच गए और इलाज करा रहे दूसरे पक्ष के घायल पर हमला बोल दिया।
अस्पताल परिसर में हो रहे हमले को देखकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश अपने स्टाफ के साथ बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने डॉक्टर के साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं, अस्पताल का सरकारी रिकॉर्ड रजिस्टर भी फाड़ दिया गया। अस्पताल परिसर में अचानक हुई इस घटना से मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई।

स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के एक कर्मचारी ने मुख्य गेट बंद कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जबकि अन्य घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। घटना के कारण अस्पताल में ओपीडी सेवा काफी देर तक बाधित रही। बाद में प्रशासन द्वारा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद चिकित्सकों और कर्मचारियों ने दोबारा मरीजों का उपचार शुरू किया।
थानाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। उन्होंने फाड़े गए रिकॉर्ड रजिस्टर का निरीक्षण किया तथा अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मारपीट में पहले पक्ष के राजेश (34) पुत्र कन्हैया तथा कन्हैया (65) पुत्र स्वर्गीय बचाऊ घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से कृष्णवती पत्नी उमा, विकास (26) पुत्र बृजमोहन, सुनीता देवी (45) पत्नी बृजमोहन तथा आकाश (17) पुत्र बृजमोहन घायल हुए। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती राजेश पर बृजमोहन पक्ष के लोगों ने हमला किया था।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पीआरबी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इतनी गंभीर मारपीट में कई लोगों के घायल होने के बावजूद पीआरबी ने न तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सूचना दी और न ही स्थानीय थाने को पूरी जानकारी दी। आरोप यह भी है कि पुलिस घायलों को अस्पताल छोड़कर वापस लौट गई, जिसके बाद अस्पताल के भीतर हमला हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के साथ-साथ यदि पुलिस की ओर से भी किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





