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‘370 रुपए बिरयानी’ विवाद में स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. अब याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है. दरअसल, प्रणित ने अलग-अलग राज्यों में दर्ज एफआईआर को एक साथ क्लब करने की मांग की है. गौरतलब है कि विवाद बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी. उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा कि उन्हें उस बातचीत के दौरान हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन वह भीड़ के रिएक्शन में बह गए थे.
प्रणित की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: ‘370 रुपए बिरयानी’ विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र-हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है. दरअसल, प्रणित मोरे ने अपने खिलाफ अलग-अलग स्टेट में दर्ज एफआईआर को एक-साथ क्लब करने की अपील की है. केस की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की.
प्रणित मोरे की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि अलग-अलग एफआईआर में आरोप लगभग एक जैसे हैं, इसलिए इन मामलों को एक साथ सुना जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रणित मोरे के वकील ने बताया कि कॉमेडियन इस विवाद को लेकर पब्लिक के सामने माफी मांग चुके हैं. वह मामले में ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं. जिस विवादित वीडियो को लेकर मामला शुरू हुआ, उसे एफआईआर दर्ज होने से पहले ही हटा दिया गया था. वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले प्रणित मोरे की पीआर टीम ने उनसे मंजूरी नहीं ली थी.
क्या है चिकन बिरयानी विवाद?
प्रणित मोरे की इन दलीलों पर अब कोर्ट ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है. अब अगर पूरे विवाद की बात करें तो इसकी शुरुआत गुरुग्राम में हुए प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो से हुई थी. इसी दौरान ऑडियंस में मौजूद हिमांशु जांगड़ा नाम के युवक ने अपनी एक डेट का अनुभव सुनाया. उसने बताया कि डेट के दौरान उसने चिकन बिरयानी पर करीब 370 रुपए खर्च किए थे. इसके बाद, उसने ऐसा कमेंट किया, जिसे महिलाओं पर आपत्तिजनक माना गया.
प्रणित मोरे को हंसना पड़ा भारी
वायरल क्लिप में हिमांशु ने संकेत दिया था कि जब उसने डेट पर 370 रुपए खर्च किए हैं, तो उसे बदले में शारीरिक संबंध बनाने की उम्मीद थी. जब लड़की ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा, तब भी उसने अपने खर्च को ‘वसूल’ करने जैसी बात कही. वायरल वीडियो में प्रणित मोरे हिमांशु की बात पर हंसते दिखाई दिए और उन्होंने इसे ‘पीक गुरुग्राम कॉन्टेंट’ कहा. मामले पर आलोचकों का कहना था कि ऐसी बात पर रोक लगाने या उसे गंभीरता से लेने के बजाय प्रणित मोरे ने हंसकर उसे आगे बढ़ाया.
महिलाओं के खिलाफ गंभीर मुद्दा
विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस पर संज्ञान लिया. आयोग ने प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को तलब किया था और हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से भी मामले में कार्रवाई करने को कहा था. आयोग की ओर से कहा गया था कि वायरल वीडियो में कही गई बातें महिला के खिलाफ जबरदस्ती और सहमति जैसे गंभीर मुद्दों को हल्के में लेने वाली नजर आती हैं. इसके बाद, गुरुग्राम पुलिस ने भी मामले में एफआईआर दर्ज की. विवाद को लेकर महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भी प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. वहीं, गुरुग्राम में भी मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई हुई. इस तरह एक ही विवाद से जुड़े मामले अलग-अलग राज्यों तक पहुंच गए, जिसके बाद प्रणित मोरे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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