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लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में सोमवार को जमकर बवाल हुआ. 2025 बैच की नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत से आक्रोशित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने नर्सिंग विभाग का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और ‘We Want Justice’ के नारे लगाए. छात्रों का सीधा आरोप है कि दिव्यांशी की तबीयत बेहद खराब थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उसकी फरियाद अनसुनी कर दी और उसे छुट्टी देने से मना कर दिया. सही समय पर आराम और इलाज न मिलने के कारण उसकी जान चली गई.
KGMU की छात्रा की मौत के बाद बवाल.
लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) लखनऊ में सोमवार की सुबह नर्सिंग की एक छात्रा की मौत हो गई. जानकारी मिलते सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ हंगामा मचाना शुरू कर दिया. 2025 बैच की नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई. गुस्साए साथी छात्र-छात्राओं ने नर्सिंग विभाग का घेराव कर लिया और धरने पर बैठ गए. पूरा परिसर छात्रों के ‘We Want Justice’ के नारों से गूंज उठा. हालात बेकाबू होते देख डीन नर्सिंग सहित संस्थान के कई आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आक्रोशित छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन साथी की मौत से आहत छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और फैकल्टी पर संवेदनहीनता और लापरवाही के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों के मुताबिक, दिव्यांशी यादव पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रही थी. उसने आराम और सही इलाज के लिए कॉलेज प्रशासन से कई बार छुट्टी मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने उसकी बिगड़ती हालत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. उसे छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया. समय पर सही इलाज और आराम न मिल पाने के कारण दिव्यांशी की स्थिति लगातार बिगड़ती गई. तीन दिन पहले उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद सोमवार को साथी छात्रों के सब्र का बांध टूट गया. वे न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए.
नियमों की अनदेखी और तानाशाही का आरोप
धरने पर बैठे नर्सिंग छात्रों का स्पष्ट आरोप है कि नर्सिंग संकाय के जिम्मेदार अधिकारी इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विभाग में तानाशाही और मनमानी का माहौल बना दिया गया है, जहां किसी भी छात्र की गंभीर बीमारी या समस्या को तवज्जो नहीं दी जाती. इसी अड़ियल रवैये और मनमाने नियमों का खामियाजा आज एक निर्दोष छात्रा को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है.
बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की मांग
आंदोलनरत छात्रों ने केजीएमयू प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक दिव्यांशी की छुट्टी रोकने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को चिन्हित कर उन्हें उनके पदों से बर्खास्त नहीं किया जाता और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा. फिलहाल परिसर में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है और छात्र अपनी मांगों पर डटे हुए हैं.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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