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Atiq Ali News: पूर्व बाहुबली सांसद माफिया अतीक अहमद के दूसरे नंबर के बेटे अली अहमद की रंगदारी और हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में प्रयागराज की जिला अदालत में पेश किया गया. एडीजे कोर्ट के आदेश पर अली को झांसी जेल से और असद कालिया को कासगंज जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया. इसी दौरान रास्ते में पुलिस के उस वक्त हाथ-पांव फूल गए, जब कौशांबी के पास अली के बख्तरबंद काफिले के पीछे उसके छोटे भाई अहजम की गाड़ी देखी गई. पुलिस ने तुरंत गाड़ी रोककर चेकिंग की और हिदायत देकर छोड़ दिया.
अतीक अहमद छोटा बेटा अहजम अपने बड़े भाई के काफिले का पीछा करने लगा था.
Atiq Ali News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के दूसरे नंबर के बेटे अली अहमद की आज प्रयागराज की कोर्ट में पेशी हुई. इस दौरान अतीक अहमद के गैंग से जुड़े असद कालिया की भी पेशी हुई. लेकिन पेशी के लिए ले जाते समय एक ऐसा मामला हुआ कि पुलिस तक के हाथ-पांव फूल गए. दरअसल, जब अली अहमद की पुलिस की वैन गुजर रही थी, तभी कौशांबी के पास अहजम काफिला लेकर पहुंच गया. रास्ते में बख्तरबंद गाड़ी देखकर पुलिस के हाथ पांव फुल गए. बता दें सोमवार को कि अली और अतीक गैंग के सक्रिय सदस्य असाद कालिया का एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (एडीजे) शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की कोर्ट नंबर 16 में पेशी हुई.
कोर्ट ने बीते 9 सितंबर को ही अली अहमद और असाद कालिया को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था. यह मामला प्रयागराज के करेली थाने में 11 अगस्त 2023 को दर्ज कराई गई एक एफआईआर से जुड़ा है. कसारी मसारी इलाके के रहने वाले मोहम्मद अफजल ने अली अहमद, फैजान, अल्तमश, असद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 447, 341, 307 (हत्या का प्रयास), 386 (रंगदारी), 523, 504 और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया था.
भाई अहजम की गाड़ी देख उड़े पुलिस के होश
अदालत के आदेश का पालन करते हुए अली अहमद को झांसी जेल से और असाद कालिया को कासगंज जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज लाया गया. लेकिन अली को झांसी से लाते समय रास्ते में एक बड़ा ड्रामा देखने को मिला. दरअसल, रंगदारी के मामले में बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस की एक टुकड़ी अली को बख्तरबंद वाहन में बेहद गोपनीय तरीके से ला रही थी. इसी दौरान प्रयागराज से सटे कौशांबी में पुलिस को भनक लगी कि काफिले के पीछे एक गाड़ी लगातार संदिग्ध रूप से चल रही है.
जैसे ही पुलिस ने उस गाड़ी को रोका, उनके हाथ-पांव फूल गए क्योंकि उसमें अली का छोटा भाई अहजम सवार था. पुलिस ने तुरंत अहजम की गाड़ी की सघन तलाशी ली और उससे कड़ी पूछताछ की कि वह काफिले के पीछे क्यों आ रहा था. हालांकि पुलिस को गाड़ी से कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने उसे आगे से काफिले का पीछा न करने की सख्त हिदायत देकर जाने दिया. माना जा रहा है कि अतीक परिवार के साथ हुई पिछली घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से अहजम अपने भाई के पीछे आ रहा होगा. इस वाकये और पेशी को देखते हुए प्रयागराज कोर्ट परिसर की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है.
जेल शिफ्टिंग और छोटे भाई की मौत का साया
गौरतलब है कि 30 जुलाई 2022 को सरेंडर करने के बाद अली को पहले प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में रखा गया था, लेकिन 17 जून 2025 को उसकी बैरक से कैश बरामद होने के बाद उसे 1 अक्टूबर 2025 को झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया था. हाल ही में 6 अगस्त को अली से मिलकर लौटते समय अतीक के छोटे बेटे अबान की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद अली को 8 अगस्त को उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर प्रयागराज लाया गया था.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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