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Arunima Jaitawat Selected For World School Volleyball Championship China: पाली जिले के सोजत की बेटी अरूणिमा जैतावत का चयन चीन में होने वाली ISF वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए ISSO इंडिया टीम में हुआ है. जापान में जन्मी और सिंगापुर में पढ़ाई करने वाली अरूणिमा ने सिंगापुर नेशनल स्कूल गेम्स में दो बार गोल्ड जीता है. वर्तमान में जयपुर में पढ़ रही अरूणिमा का लक्ष्य भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है. उनकी इस अंतरराष्ट्रीय सफलता से पूरे राजस्थान और देश में गौरव का माहौल है.
Pali News: कहते हैं कि प्रतिभा किसी सरहद की मोहताज नहीं होती है, और इस बात को पूरी तरह सच कर दिखाया है राजस्थान के पाली जिले की एक लाडली ने. पाली के सोजत उपखंड के एक छोटे से गांव ‘सिसरवादा’ की बेटी ‘अरूणिमा जैतावत’ का चयन चीन में होने वाली ‘ISF वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप’ के लिए इंडियन टीम में हुआ है. इस बेटी की कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही प्रेरणादायी भी है. जापान में जन्म लेने वाली और सिंगापुर में पढ़ाई करने वाली अरूणिमा अब चीन की धरती पर भारत की जर्सी पहनकर देश के लिए मेडल जीतने उतरेंगी. यही वजह है कि पाली जिले का यह छोटा सा गांव आज अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है.
पाली जिले के सोजत उपखंड के गांव सिसरवादा की बेटी अरूणिमा जैतावत अब चीन में अपना हुनर दिखाएंगी. उनका सिलेक्शन 1 से 10 जुलाई तक चीन के शांगलुओ में आयोजित होने वाली ISF वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए ISSO इंडिया टीम में हुआ है. इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयन होने से न केवल उनके गांव बल्कि पूरे राजस्थान और देश का नाम रोशन हुआ है. अरूणिमा के सिलेक्शन के बाद उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. परिजनों को अपनी बेटी की इस अद्भुत उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस हो रहा है.
जापान में जन्म और सिंगापुर में हुई शुरुआती शिक्षा
अरूणिमा मूल रूप से पाली जिले के सिसरवादा गांव की रहने वाली हैं. उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी काफी प्रतिष्ठित है. उनके दादा शिवजीसिंह जैतावत पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं. वहीं, उनके पिता जितेंद्रसिंह जैतावत सिंगापुर की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीईओ रहे हैं, जबकि माता राजेन्द्र कंवर प्रोफेसर हैं. अरूणिमा का जन्म जापान में हुआ था, जिसके बाद उनका परिवार सिंगापुर शिफ्ट हो गया था. अरूणिमा ने आठवीं क्लास तक की एजुकेशन सिंगापुर में ही ली. उनकी छोटी बहन जिज्ञासा जैतावत ने भी सिंगापुर में छठीं कक्षा तक पढ़ाई की है. वर्तमान में यह पूरा परिवार जयपुर में रह रहा है और दोनों बहनें जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं.
सिंगापुर से लेकर भारत तक रहा है शानदार रिकॉर्ड
अरूणिमा का खेल के प्रति समर्पण शुरुआत से ही बेहतरीन रहा है. सिंगापुर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने ‘सिंगापुर नेशनल स्कूल गेम्स’ में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी खास पहचान बनाई थी. इसके साथ ही वे इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में अपने स्कूल की अंडर-14 और अंडर-16 वॉलीबॉल टीम की कप्तान भी रहीं. भारत आने के बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन लगातार जारी रहा. वर्ष 2025 में उन्होंने अंडर-17 गर्ल्स SGFI नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में ISSO इंडिया का प्रतिनिधित्व किया था. अपनी इसी शानदार प्रतिभा की बदौलत अब वे चीन में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं.
भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना है अंतिम लक्ष्य
अपने सपनों और कड़ी मेहनत के बारे में बात करते हुए अरूणिमा ने बताया कि उन्होंने छठी क्लास से ही वॉलीबॉल खेलना शुरू कर दिया था. वे अपने खेल को निखारने के लिए रोजाना करीब 2 घंटे कड़ी प्रैक्टिस करती हैं. उन्होंने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य भारतीय राष्ट्रीय टीम (National Team) के लिए लगातार खेलना और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करना है. अरूणिमा की इस बड़ी सफलता से उनके परिवार, सिसरवादा गांव और पूरे पाली जिले में हर्ष की लहर है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें






