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— विधवा की फाइल गायब होने और बैक डेट में पत्र जारी करने का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
— बीते 21 नवंबर 2022 को सड़क दुर्घटना में पुत्र की हुई थी मौत
— एसडीएम ओबरा और राजस्व कमेटी पर घोर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की मांग

Sonbhadra । मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता राशि न मिलने के मामले को लेकर जन अधिकार पार्टी ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रमुख महासचिव भागीरथी सिंह मौर्य ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मृतक किसान की विधवा को योजना का लाभ दिलाने तथा मामले में कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
भागीरथी सिंह मौर्य ने बताया कि ओबरा तहसील क्षेत्र के वसीम अहमद की 21 नवंबर 2022 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनके नाम कृषि भूमि दर्ज होने के कारण उनकी मां वकीला बेगम ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि 42 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका।

उन्होंने बताया कि पीड़िता कई बार तहसील ओबरा और जिला मुख्यालय के चक्कर लगा चुकी है। 17 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी से शिकायत करने पर आपदा विभाग ने फाइल ओबरा तहसील में होने की जानकारी दी, जबकि तहसील पहुंचने पर पीड़िता को बताया गया कि उसकी फाइल नहीं मिल रही है।
पार्टी का आरोप है कि 30 जून 2026 को जिलाधिकारी द्वारा फाइल मंगाने के निर्देश दिए जाने के बाद उसी रात उप जिलाधिकारी ओबरा की ओर से मड़िहान (मिर्जापुर) के उप जिलाधिकारी के नाम जारी एक पत्र की प्रति भेजी गई। आरोप है कि पत्र पर अंकित तिथि और जारी होने की परिस्थितियों में विरोधाभास है, जिससे बैकडेट में पत्र जारी कर लापरवाही छिपाने का प्रयास किया गया।

जन अधिकार पार्टी ने मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त विंध्याचल, जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को भेजे गए पत्र में पीड़िता को शीघ्र योजना का लाभ दिलाने, पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो जन अधिकार पार्टी उसके समर्थन में हर स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी





