यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में राजनीतिक दल ही नहीं शासन-प्रशासन भी जुट गया है। 2027 में होने वाले चुनाव को लेकर हर 20 किलोमीटर पर एक हेलीपैड बनाने की तैयारी है। इसके लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है।
UP Assembly Election 2027: 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक दल ही नहीं प्रशासन भी जुट गया है। चुनाव से पहले पीडब्ल्यूडी हेलीपैड बनाएगा, इसके लिए जमीन की जंग शुरू हो गई है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालय स्तर पर 736 हेलीपैड बनाए जाने हैं लेकिन 118 के लिए ही उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो पाई है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का कहना है कि जमीन तो हर जगह उपलब्ध है लेकिन नागरिक उड्डयन विभाग के मानकों के अनुरूप नहीं मिल पा रही है।
विधानसभा चुनाव से पहले लोक निर्माण विभाग को प्रदेश के 736 स्थानों पर स्थानों पर हेलीपैड विकसित करने हैं। स्थान का चयन हो चुका है लेकिन जमीन के चयन की जंग जारी है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को हेलीपैड के लिए जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसलिए भी लिखा पढ़ी तेज हो गई है कि अब बहुत ज्यादा समय नहीं बचा।
20 किमी पर होगा एक हेलीपैड
तय किया गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले औसतन हर 20 किमी पर एक हेलीपैड की व्यवस्था होनी चाहिए। इसी मानक को ध्यान में रखकर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर भूमि चिह्नित कर रहे हैं। नागरिक उड्डयन विभाग के मानकों के अनुसार हेलीपैड के लिए 100 मीटर लंबाई में तथा इतनी ही चौड़ाई में भूमि की जरूरत होती है। इतनी जमीन के अलावा 250 मीटर पूरब और इतनी ही दूरी में पश्चिम तरफ क्लीयरेंस होनी चाहिए। यानी हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ने की दिशा में कोई अवरोध नहीं होना चाहिए।
एक हेलीपैड पर 50 से 80 लाख खर्च होने का अनुमान
शासन का मानना है कि वीवीआईपी के दौरों तथा आपदा के समय अस्थायी हेलीपैड तैयार करने में समय और धन की बर्बादी होती है। इसे रोकने के जिलों में औसतन हर 20 किमी पर एक हेलीपैड बनाने की योजना है। इसके साथ प्रदेश में एक स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा। एक स्थायी हेलीपैड तैयार करने में औसतन 50-80 लाख तक के खर्च का अनुमान है। निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर भी शुल्क देकर उतर सकेंगे।
मानक के मुताबिक भूमि मिलने में आ रही दिक्कत
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के मुताबिक जमीन तो लगभग सभी जगह उपलब्ध हो जा रही है लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मानकों के अनुरूप नहीं मिल पा रही है। इस नाते थोड़ा दिक्कत आ रही है। अब तक 118 हेलीपैड के लिए मानक के मुताबिक भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। इसके साथ ही 17 पुराने हेलीपैड की भी मरम्मत का कार्य भी विभाग को कराना है। मानक के अनुरूप भूमि की उपलब्धता के मुताबिक हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।

