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Saharanpur News: उत्तर प्रदेश में ऐसे कई हुनरबाज हैं, जिन्होंने खेल-खेल में अपना नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कर लिया है. ऐसी ही एक होनहार हैं सहारनपुर की 7 वर्षीय अनुशी सिरोही, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में अंडर-7 वर्ग की 800 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया.
सहारनपुर: सहारनपुर की बेटियां विभिन्न खेलों में जनपद सहित प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर रही हैं. लेकिन आज की कहानी 7 साल की उस बच्ची की है, जिसने अभी सही से चलना फिरना भी नहीं सीखा. उसकी उड़ान परिवार की सोच से भी बहुत ऊंची है. 7 साल की कक्षा एक की छात्रा अनुशी सिरोही ने अपने पिता अनुज कुमार के कहने पर 1 साल पहले स्केटिंग करना शुरू किया था.
खेल-खेल में अनुशी ने पहले तो जिले को टॉप किया, फिर स्टेट में गोल्ड जीता और फिर नेशनल में गोल्ड जीतकर इंटरनेशनल खेलने के लिए नेपाल के काठमांडू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में अंडर-7 वर्ग की 800 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया.
बधाई देने वालों का तांता
अनुशी जैसे ही गोल्ड जितने के बाद अपने गांव नागल पहुंची, तो बधाई देने वालों का तांता लग गया. रिश्तेदारों सहित नेता ने भी गांव पहुंचकर इस नन्ही सी बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके आने वाले उज्ज्वल भविष्य की कामना की. परिवार ने बच्ची की इस जीत का श्रेय उसके कोच रवि शरण और राहुल को दिया. वहीं अब बच्ची अनुशी का लक्ष्य एशिया में खेल कर गोल्ड जितना और अपने भारत का नाम रोशन करना लक्ष्य है
मां को था बेटी पर विश्वास
अनुशी की माता शिखा सिरोही ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि बच्ची शुरू से ही टैलेंटेड रही है और अपने पिता के कहने पर इसने इस गेम को शुरू किया था. पीछे से मेरी ओर से भी पूरा सपोर्ट किया गया और जब बेटी गेम खेल रही थी, तो उनको उम्मीद थी कि एक दिन यह अच्छा नाम करेगी, लेकिन यह मालूम नहीं था कि वह इतनी जल्दी इंटरनेशनल लेवल पर उनका नाम रोशन करेगी. बेटी के घर लौटने पर उन्होंने बेटी का जोरदार स्वागत किया है और लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
इंटरनेशनल जीत पर परिवार वाले दिखे भावुक
अनुशी सिरोही के पिता अनुज सिरोही ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि बच्ची को यह गेम खेलने के लिए उन्होंने ही कहा था. स्कूल की छुट्टियों में बच्ची अपने मामा के यहां ना चली जाए, तो उन्होंने उसको इस गेम में लगा दिया. लेकिन उनको शायद यह मालूम नहीं था कि इस गेम में वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाकर उनका नाम रोशन कर देगी.
अनुज सिरोही का कहना है कि उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि 7 साल की उनकी बच्ची इंटरनेशनल लेवल पर उनका नाम रोशन करेगी. इस बच्ची का पिता बनकर वह अपने आपको काफी सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं. साथ ही बच्ची के बाद अब खुद भी स्केटिंग सीखने की तैयारी कर रहे हैं. अनुज सिरोही बताते हैं कि अब बेटी को आगे देश के लिए खिलाना है और आने वाले एशियाई खेलों में प्रतिभाग कराना है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.






